8 से 31 दिसम्बर 2025 तक सघन अभियान के तहत स्वास्थ्य अमला घर-घर भ्रमण कर कुष्ठ के संभावित व्यक्तियों की करेंगे पहचान
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 7 दिसम्बर 2025 - बेमेतरा जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन कुष्ठ खोज अभियान का आरंभ आज 8 दिसम्बर से शुरुआत होगी, जो कि 31 दिसम्बर 2025 तक चलाया जाएगा। संचालक, महामारी नियंत्रण छत्तीसगढ़, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें छग के निर्देशानुसार कलेक्टर रणबीर शर्मा एवं सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर व जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ बीएल राज के मार्गदर्शन पर सघन कुष्ठ खोज अभियान (LCDC) चलाया जाएगा।
यह अभियान बेमेतरा जिला में कुष्ठ रोग के उन्मूलन के उद्देश्य से समुदाय में कुष्ठ रोग के संक्रमण को रोकने हेतू प्रत्येक रोगियों का प्रारंभिक अवस्था में पहचान किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि रोग के प्रसार में नियंत्रण हो एवं कुष्ठ संबंधी विकलांगता से बचा जा सके।
जिस हेतु बेमेतरा जिले के सभी विकासखंडों में दिनांक 08 दिसबंर से 31 दिसबंर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान (Leprosy Case Detection Campaign) चालाया जाएगा। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर भ्रमण कर कुष्ठ के संभावित व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जॉच एवं पुष्टि की जावेगी।
इस सघन कुष्ठ खोज अभियान के सफल संचालन एवं सतत् निगरानी हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों/कर्मचारियों का विकासखण्डो में मॉनिटरिंग/सुपरविजन करने हेतु निम्नलिखित अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है -
1 डॉ. बीएल राज जिला नोडल कुष्ठ अधिकारी (DLO) साजा विकासखण्ड
2 सुश्री लता बंजारे जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) बेमेतरा विकासखण्ड
3 श्रीमति हिना सिन्हा (DPHN), सुश्री संपत्ति बंजारे जिला कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (DPC, NTEP) नवागढ़ विकासखण्ड
4 गुलाब चंद साहू प्रभारी जिला कुष्ठ समन्वयक (In.DLC), अर्जुन लाल (IDSP-DM) बेरला विकासखण्ड
इसके साथ ही समस्त जिला का मॉनिटरिंग/सुपरविजन स्वयं डॉ. अमृत लाल रोहलेडर सीएमएचओ जिला बेमेतरा द्वारा किया जाएगा।
इस सघन कुष्ठ खोज अभियान में संभावित कुष्ठ रोग की पहचान, संवेदना जांच, त्वचा परीक्षण, स्किन स्मीयर जांच के साथ एमडीटी दवा की जानकारी दी जाएगी। सीएमएचओ डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रामक रोग है, जिसकी प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार से पूर्ण इलाज संभव है। उन्होंने बताया कि जिले का प्रीवलेंस रेट वर्तमान में 1.08 है, जिसे घटाकर 1 से कम करने का लक्ष्य है। इसके लिए 8 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ सर्वे अभियान (LCDC) चलाया जाएगा।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. बीएल राज ने बताया कि वर्ष 2030 तक कुष्ठ उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि मितानिन एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग दें और शरीर में दाग-धब्बा या सुन्नपन होने पर जांच अवश्य कराएं।