धान बिक्री पंजीयन में छुटे रकबा को किसान जुड़वा कर ले सकते हैं लाभ - उप संचालक कृषि बेमेतरा मोरध्वज डड़सेना

धान बिक्री पंजीयन में छुटे रकबा को किसान जुड़वा कर ले सकते हैं लाभ - उप संचालक कृषि बेमेतरा मोरध्वज डड़सेना 

छुटे रकबा जोड़ने के लिए कृषि व राजस्व विभाग दोनों लगे हुए हैं, किसान भी स्वयं जोड़ सकते हैं अपने मोबाइल से 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 10 नवंबर 2025 - बेमेतरा जिले में धान बिक्री के लिए जिले के 1.64 लाख कृषकों की एग्रीस्टैक किसान आईडी बनाई जा चुकी है। अतः धान विक्रय हेतु इच्छुक सभी कृषकों से उप संचालक कृषि मोरध्वज डड़सेना ने अपील की गई है कि वे सहकारी समितियों, सीएससी केंद्रों तथा संबंधित पटवारियों से संपर्क कर अपनी एग्रीस्टैक किसान आईडी बनवाएं। जिन किसानों द्वारा अभी तक अपने सभी खसरों को एग्रीस्टैक आईडी से नहीं जोड़ा गया है, वे तत्काल सहकारी समिति, पटवारी या तहसीलदार से संपर्क कर शेष खसरों को जोड़वाएं, ताकि सभी पंजीकृत खसरों में उत्पादित धान का विक्रय किया जा सके। साथ ही किसान बंधु स्वयं अपने मोबाइल से राज्य शासन के एकीकृत किसान पोर्टल में जाकर भी अपने छुटे हुए रकबो को जोड़ कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
      उप संचालक कृषि श्री डड़सेना ने कहा कि जिले में पंजीकृत धान रकबा 1.87 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो जिले के कृषकों की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक टीम की तत्परता को दर्शाता है। 
  ज्ञात हो कि जिले के कॉमन सर्विस सेंटर के साथ-साथ सहकारी समितियों के माध्यम से भी किसान आईडी बनाई गई है। गतवर्ष धान विक्रय करने वाले कुल 1.57 लाख कृषकों की तुलना में इस वर्ष अब तक 1.59 लाख अर्थात् 101% कृषकों का पंजीयन धान खरीदी हेतु किया जा चुका है।