बारगांव (बेरला) स्कूल के बच्चों ने राउत नाचा और सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

बारगांव (बेरला) स्कूल के बच्चों ने राउत नाचा और सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला/बारगांव 16 अक्टूबर 2025 - जिले के बेरला ब्लाक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारगांव के बच्चों ने ट्यूनिंग आफ स्कूल के तहत छत्तीसगढ़ के धरोहर एवं दीपावली के अवसर पर प्रमुख रूप से मनाए जाने वाली राउत नाचा और सुवा नृत्य का आनंद लिया। 
            सुवा नृत्य में लगभग 100 बच्चियों ने आकर्षक परिधान के साथ और लड़कों ने राउत नाचा के साथ गांव भ्रमण करते हुए प्राथमिक शाला मटिया, सरस्वती शिशु मंदिर मटिया एवं प्राथमिक शाला कोसपातर में जाकर नृत्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्राम के प्रमुख दुकान के सामने भी बच्चों ने प्रदर्शन किया। भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने छत्तीसगढ़ की इस परंपरा को जीवित रखने के लिए बच्चों के साथ शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई दी। भ्रमण के दौरान पालकों के द्वारा बच्चों के परिधान को देखकर और उनके द्वारा की जा रही प्रदर्शन को देखकर बहुत सराहना किया। समय के साथ-साथ आजकल सुवा नृत्य एवं राउत नाचा धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। स्कूली बच्चों ने जिस तरह से स्वयं बाजा बजाते हुए राउत नाचा का निर्भीक होकर प्रदर्शन किया वह काबिले तारीफ था। इस तरह के कार्यक्रम में बच्चे खुलकर सामने आते हैं उनका डर खत्म होता है। इस कार्यक्रम में शिक्षक रामायण ध्रुव, सुरेंद्र पटेल, चंद्र प्रकाश साहू, सुदर्शन साहू, गंगाधर दुबे, संतोष गेंद्रे, शारदा यादव, सृष्टि तिवारी, हेम सिंह साहू का विशेष योगदान रहा।

सुवा नृत्य आज भी है गांव में प्रचलित - छत्तीसगढ़ में परंपरागत तौर पर कई सारे लोक नृत्य आज भी प्रचलित हैं, जिसमें से एक सुआ नृत्य है। इस नृत्य में महिलाओं और युवतियों की टोली एक बांस के बने टोकरी में धान रख कर उसमें मिट्टी का बना तोता रखती हैं। इस बांस की टोकरी को लेकर युवतियां और महिलाओं की टोलियां घूम-घूम कर सुआ नृत्य करती हैं। इस नीति को करने महिलाओं द्वारा स्वयं ही ताली बजाकर सुआ गीत गया जाता है।