बिरनपुर हत्याकांड पर जिला कांग्रेस ने राजीव भवन में की प्रेस वार्ता
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 5 अक्टूबर 2025 - छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बेमेतरा स्थित जिला कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन में पत्रकार वार्ता की। जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा भी उपस्थित थे। इस दौरान विकास उपाध्याय ने कहा कि बिरनपुर मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में अपनी चार्ज शीट दाखिल किया है, खबरों में सीबीआई की चार्ज शीट के तथ्य भी सार्वजनिक हुए हैं। सीबीआई ने चार्ज शीट में घटना का विस्तृत विवरण दिया है। उनकी विवेचना में स्पष्ट हुआ है कि यह घटना क्रम दो बच्चों के झगड़े से शुरू होकर दो परिवारों तक पहुंचा और बाद में यह दो समुदायों का झगड़ा बन गया। सीबीआई ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि इस घटना में कोई राजनैतिक षड्यंत्र नहीं था। यह एक मामूली झगड़ा था, जिसने खूनी रूप ले लिया। सीबीआई जांच के बिंदु भाजपा सरकार ने तय किया था, यदि जांच के बिंदु में घटना के बाद के राजनैतिक षड्यंत्र होता तो भाजपा बेनकाब हो जाती। बिरनपुर मामले में सीबीआई की चार्ज सीट से साफ हो गया कि उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाया था, वह झूठा था। यह आरोप भाजपा की चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से की गई राजनीतिक साजिश थी। सीबीआई की चार्ज शीट में भाजपा का पहला चेहरा सामने रख दिया, भाजपा ने उस समय घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनीतिक लाभ लेने का षड्यंत्र रचा था। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अरुण साव घटना के बाद वहां जाकर पूरी घटनाक्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया और उसमें वे सफल भी रहे। अरुण साव जब घटना स्थल गए थे, तब उनके सामने आगजनी की गई थी, वे वहां पर भड़काऊ भाषण दिए थे।
इस मामले को लेकर भाजपा ने एक समाज को कांग्रेस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी पूरे प्रदेश में इस झगड़े को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह सभी ने अपनी चुनावी सभा में दुर्भाग्य जनक घटना को धार्मिक और जातीय झगड़े से जोड़ के प्रस्तुत किया। भाजपा ने मृतक भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को टिकट देकर सहानुभूति बटोरने की साजिश किया। सीबीआई की जांच से यह भी साफ हो गया है कि उस समय कांग्रेस की सरकार ने जो कार्यवाही की, घटना के लिए जिम्मेदार मानकर जिन लोगों की गिरफ्तारियां की, वह सही थी। भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाया था तथा भाजपा नेताओं ने उस समय राजनीतिक लाभ लेने ध्रुवीकरण के लिए गलत बयानी किया था। ईश्वर साहू भी अपने बयानों में जिस व्यक्ति अंजोर यदु पर आरोप लगाते थे, उसे भी सीबीआई ने दोषी नहीं माना है। सीबीआई की चार्ज शीट में इसका कोई उल्लेख नहीं है, इससे साफ है कि बीरनपुर मामला भाजपा की सोची समझी साजिश थी। भाजपा के इस षड्यंत्र का कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान हुआ। सीबीआई की चार्ज शीट के बाद तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान उपमुख्यमंत्री अरुण साव में जरा भी नैतिकता हो तो अपने पद से त्यागपत्र देकर छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने गैर जिम्मेदाराना भाषण के लिए छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे। भाजपा जब चुनाव करीब आता है और उसे अपनी हार दिखाई देने लगती है, तो भाजपा अपना असली चरित्र दिखाते हुए जाति पाति धर्म पंथ के नाम पर लोगों को लड़ा कर एक माहौल बनाती है। लोगों में फूड डालने का काम भाजपा के द्वारा किया जाता है और भाजपा अपने इस काम में छत्तीसगढ़ में और विशेष कर बिरनपुर हत्याकांड को सांप्रदायिक दंगा बताने में सफल भी रही, जिसका उसने वोट के रूप में ध्रुवीकरण किया। भाजपा के लिए एक व्यक्ति की जान की कीमत पर अगर वोट मिलता है तो भाजपा उसे लेने में पीछे हटने वाली नहीं है, यही कार्य भाजपा ने किया। साजा विधानसभा जो प्रारंभ से ही रविंद्र चौबे परिवार से जुड़ा हुआ विधानसभा है, छत्तीसगढ़ के सबसे शांत विधानसभा क्षेत्र में से एक है। रविंद्र चौबे कोई एक या दो बार के विधायक नहीं आठ बार विधायक बन चुके हैं। इससे पूर्व उनके माता-पिता तथा बड़े भाई भी साजा विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व कर चुके हैं। पूरे विधानसभा क्षेत्र के एक-एक परिवार से उनका घर का संबंध है ऐसा नहीं कि उन्हें इस घटना पर दुख नहीं हुआ, दुख हुआ किंतु वे इस मामले में राजनीति को शामिल नहीं करना चाहते थे, जो गिरी हुई हरकत भाजपा ने की है। जांच में पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं रहा है। एक परिवार के ऊपर वज्रपात हुआ है और उसके हत्या पर राजनीति करने का कार्य भाजपा के द्वारा किया गया है।
इस प्रेस वार्ता के अवसर पर अवनीश राघव, सुरेंद्र तिवारी, टीआर जनार्दन, दिनेश पटेल, माधुरी परगनिहा, शशि प्रभा गायकवाड, हरीश साहू, मिथिलेश वर्मा, प्रांजल तिवारी, नवीन ताम्रकार, सनत धर दीवान, विजय बघेल, अयोध्या चंद्राकर, राजू साहू, अजय राज सेन, दीपक दिनकर, जावेद खान, दिनेश जोशी, राजा साहू, योगिता साहू, खूबचंद चंद्राकर, सिद्धांत दीवान सहित कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।