साजा में मधुमक्खियों का बढ़ता आतंक, लोग परेशान

साजा में मधुमक्खियों का बढ़ता आतंक, लोग परेशान 

कईहा तालाब, विश्रामगृह व शासकीय कॉलोनी में हैं इन बड़ी मधुमक्खियों भांवर का छाता (डेरा) 

समस्या के निदान के लिए प्रशासन नहीं दिख रहा गंभीर 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/साजा - नगर साजा में मधुमक्खियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता और शासकीय अधिकारी दोनों ही दहशत में हैं। नगर पंचायत साजा में कईहा तालाब, विश्रामगृह व शासकीय कॉलोनी में यह बड़ी मधुमक्खियों (भांवर) का निवास स्थान है। पहले से ही विश्रामगृह जहां वीआईपी (VIP) लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। वहां मधुमक्खियों का बड़ा डेरा है। अब यह खतरा बढ़कर सरकारी कॉलोनी तक पहुंच गया है, जहां मधुमक्खियों ने जमकर बड़े-बड़े छाते बना लिए हैं। स्थिति यह है कि इस कारण आए दिन लोग मधुमक्खियों के डंक का शिकार हो रहे हैं। यह समस्या खास तौर पर जनपद पंचायत और रजिस्टार ऑफिस के सामने स्थित शासकीय अधिकारी कर्मचारी आवास कॉलोनी में बनी हुई है। कॉलोनी में अधिकारियों के क्वार्टरों के ठीक पीछे भाग में विशाल मधुमक्खी के छाते बने हैं, जिसके शिकार प्रतिदिन दो-चार लोग हो रहे हैं। हाल ही में हुई एक घटना में, कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए जनपद पंचायत के पास बने एक छोटे से डबरी में कूदना पड़ा। चिंता की बात यह है कि इस कॉलोनी में ब्लॉक के सभी बड़े अधिकारियों का निवास है, फिर भी इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द ही इन मधुमक्खियों के छत्तों को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही आने वाले समय में किसी बड़ी और दुर्भाग्यपूर्ण घटना को जन्म दे सकती है। प्रशासन को इस जानलेवा खतरे को गंभीरता से लेते हुए, विश्रामगृह और शासकीय कॉलोनी दोनों स्थानों से छत्तों को हटाने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को सुरक्षित किया जा सके।