प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 26 अक्टूबर 2025 - जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा के द्वारा अवकाश दिवस रविवार के दिन शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बुलाकर जिस प्रकार से उन्हें सेवा से पृथक किए जाने या सेवा समाप्त किए जाने का नोटिस दिया गया है, जिसमें जिला खनिज न्यास मद में पैसा ना होने से वेतन न दिए जा सकने का बहाना बनाया जा रहा है, यह पूरी तरह जिला खनिज न्यास मद में बंदरबांट करने के लिए किया जा रहा हैं। ये भाजपा सरकार और बेमेतरा में भाजपा के जनप्रतिनिधियों का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण को दिखाता है। कांग्रेस की भूपेश सरकार ने प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्गी परिवारों के बच्चों के लिए जो उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना की है, उनके शिक्षकों को एक-एक करके इस तरह से पैसों का बहाना बनाकर सेवा समाप्त करना न केवल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, साथ ही साथ शिक्षकों के भविष्य के साथ भी नाइंसाफी है। बिना शिक्षकों के स्कूल आखिर चलेगा कैसे ? जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों को क्या उत्कृष्ट विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं है, क्या उन बच्चों को यह अधिकार नहीं है कि वह भी प्राइवेट स्कूल के बच्चों की तरह अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा ले सकें। लेकिन यह सब भाजपा के लोग बर्दाश्त नहीं कर सकते, शिक्षकों को निकल जाने का यह कदम न केवल बच्चों के साथ बल्कि उन शिक्षकों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष इस स्कूल में बच्चों को शिक्षा देकर बिताया है, आज उनके समक्ष जीवन संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष स्कूल में देने के बाद आज वे काम के लिए कहां जाएं, उनके परिवारों का क्या होगा, कई शिक्षक तो ऐसे भी है जिनके वेतन से ही उनके परिवार का भरण पोषण होता है, किंतु आम आदमी की समस्या से भाजपाइयों को कोई लेना-देना नहीं है। जिस तरह से जिले के खनिज न्यास मद का दुरुपयोग भाजपा शासन में किया जा रहा है, वह इससे पहले कभी नहीं हुआ। खनिज न्यास मद का उपयोग जनहित के कार्यों में किया जाना था, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है, किंतु राज्य की भाजपा सरकार नहीं चाहती कि राज्य के लोग अच्छी शिक्षा प्राप्त करें। राज्य की भाजपा सरकार प्राइवेट स्कूलों को बढ़ाने के लिए शासकीय स्कूलों की बलि देने में लगी हुई है, यही कारण है कि भूपेश बघेल सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए उत्कृष्ट अंग्रेजी मध्य विद्यालयों को बंद करने और तबाह करने के लिए इस तरह से पैसों का हवाला देकर स्कूलों को शिक्षकों से वंचित किया जा रहा है। बिना शिक्षकों के स्कूल कैसे चलाएगी सरकार, यह भाजपाई ही बता पाएंगे। ग्रामीण अंचलों में पूरी तरह से शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली हुई है यह सरकार।