5 वर्ष की आयु से ओम साहू अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर करता आ रहा है रावण दहन

5 वर्ष की आयु से ओम साहू अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर करता आ रहा है रावण दहन 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - दशहरा के मौके पर ग्राम मजगाँव के 10 वर्षीय ओम साहू अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन करता है। यह परंपरा उसने 5 वर्ष की आयु से शुरू की थी। दशहरा पर हर जगह असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में रावण का पुतला दहन किया जाता है। वही अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन कर असत्य पर सत्य की विजय की परंपरा को बल देने का काम कर रहा है। 
ओम साहू ने खेल खेल में रावण का पुतला बनाकर उसका दहन किया था। लेकिन उसे क्या मालूम था उसका यह खेल एक परंपरा बन जाएगा। रावण दहन करने की परंपरा के प्रति उसकी रुचि ऐसी बढ़ी कि वह हर साल अपने हाथों से रावण का पुतला बनाने लगा और उसका पुतला दहन अपने हाथों से करने लगा। जैसे-जैसे उम्र बढ़ता गया, ओम साहू रावण के पुतला को और भी भव्य रूप देता चला गया। हर साल रावण का पुतला दहन आधुनिक तरीके से करता आ रहा है। रावण के पुतला में हर साल तरह-तरह की कलाकारी कर उसे आकर्षक बनाता है। 
       ओम साहू के पिता सोनू साहू बताते हैं कि उनका बेटा पिछले पांच वर्षों से अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन करता है। अब तो सारे बच्चें ओम के द्वारा बनाए गए रावण के पुतला दहन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ओम साहू ने रावण के पुतला बनाने में किसी का कोई सहयोग नहीं लेता, वह अकेला रावण का पुतला बनाता है। ओम के साथ रावण के पुतला दहन में येनीश, अनीश, टीकम, सुषमा, केशव, पद्मिनी, राधा, हेमा, डुग्गू, बिट्टू, कान्हा, सोना आदि बच्चे शामिल रहे।