छत्तीसगढ़ ने पिछले 25 वर्षों में शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में की हैं उल्लेखनीय प्रगति - प्राचार्य डॉ. समीर ठाकर
रजत जयंती के अवसर पर नवीन शासकीय महाविद्यालय भींभौरी में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 22 सितम्बर 2025 -
प्रदेशभर में छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती (25 वर्ष पूर्ण) बड़े उत्साह और गौरव के साथ मनाई जा रही है। इसी कड़ी में आज जिले के बेरला ब्लॉक मे स्थित नवीन शासकीय महाविद्यालय भींभौरी में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक गतिविधियों, भाषण, निबंध, कविता और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से राज्य के गौरवपूर्ण इतिहास और उज्ज्वल भविष्य को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। मंच पर नगर पंचायत भींभौरी के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि संदीप परगनिहा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर ठाकर, सहायक प्राध्यापक जीएस भारद्वाज, अन्य प्राध्यापकगण तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे। वातावरण में छत्तीसगढ़ी परंपराओं की झलक दिखाई दी और पूरा समारोह राज्य के गौरवशाली सफर को समर्पित रहा। छात्रों ने “मेरे सपनों का छत्तीसगढ़” विषय पर निबंध, कविता और वाद-विवाद प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में युवाओं ने राज्य के विकास, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता के सपनों को शब्दों और विचारों में पिरोया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं की घोषणा भी की गई। भाषण प्रतियोगिता में चिंतामणि निषाद (बीए अंतिम वर्ष) प्रथम स्थान पर रहे। पोस्टर प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार धनेश्वरी साहू (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) को मिला। लोकेश्वरी (बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर) ने पहला स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में हेमलता निषाद (बीए. प्रथम सेमेस्टर) प्रथम रहीं। रंगोली प्रतियोगिता में धनेश्वरी साहू एवं चेतना पाटिल (बी.एससी. तृतीय एवं प्रथम सेमेस्टर) की जोड़ी ने बाज़ी मारी। क्विज प्रतियोगिता का प्रथम स्थान बी.ए. संकाय के छात्रों को मिला। इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया और रजत जयंती उत्सव को जीवंत बना दिया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. समीर ठाकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 25 वर्षों में शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे राज्य के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज सेवा का संकल्प लें और ज्ञान व कौशल से प्रदेश का नाम रोशन करें। मुख्य अतिथि संदीप परगनिहा ने अपने संदेश में कहा कि युवा पीढ़ी ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत है। उन्होंने छात्रों को राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए योगदान देने और अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया। सहायक प्राध्यापक जीएस भारद्वाज ने कहा कि छत्तीसगढ़ का अस्तित्व प्राचीन है और इसकी संस्कृति, परंपरा एवं लोककला देश की धरोहर है। उन्होंने कहा कि “राज्य तभी वास्तविक रूप से ‘बढ़िया’ बनेगा जब यहाँ की युवा पीढ़ी शिक्षा, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाते हुए अपनी संस्कृति से जुड़ी रहेगी।”
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर छात्रों के चेहरों पर उल्लास झलक रहा था और उन्होंने इसे अपने जीवन का प्रेरणादायी क्षण बताया। छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे आगे भी अपनी मेहनत और प्रतिभा से राज्य का नाम रोशन करेंगे। प्रदेशभर में मनाए जा रहे रजत महोत्सव ने हर जिले, हर गांव और हर संस्था में उत्साह का वातावरण बना दिया है। भींभौरी महाविद्यालय का यह आयोजन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा रहा, जिसने स्थानीय स्तर पर युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और राज्य के विकास में योगदान की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित जनों ने छत्तीसगढ़ राज्य की गौरवशाली संस्कृति और परंपरा को नमन करते हुए रजत जयंती को यादगार बनाने का संकल्प लिया।
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