कर्मचारी को त्योहारी सीजन में सरकार से गिफ्ट का इंतजार
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 29 सितंबर 2025 - एनएचएम कर्मचारी संघ को प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन मुख्यमंत्री ने अगली कैबिनेट बैठक में दिया था। अब आज की बैठक से जुड़ी है कर्मचारियों की आस।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यरत 16500 कर्मचारी हाल ही में 33 दिन तक हड़ताल पर रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन स्थगित हुआ था।
कर्मचारियों की 10 मांगों में से 4 पर तत्काल आदेश, जबकि ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति पर 3 माह की समयसीमा तय हुई थी। हड़ताल स्थगन के समय मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर हड़ताल अवधि का वेतन देने एवं 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन स्वयं दिया था।
त्योहारों में बोनस दूसरों को, वेतन कटौती NHM कर्मचारियों की - नवरात्रि, दशहरा, दीपावली जैसे पर्वों में जहाँ कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है, वहीं NHM कर्मचारियों के 33 दिन का वेतन काटने का आदेश उनके त्यौहारों की खुशियाँ फीकी कर गया है।
हड़ताल स्थगन के 10 दिन बाद भी 6 मांगों पर आदेश जारी न होना कर्मचारियों में गहरा असंतोष पैदा कर रहा है। यह पहला अवसर है जब मांगें मान ली गईं हों, आंदोलन संवैधानिक करार दिया गया हो, सत्तारूढ़ दल के सांसद, विधायकों ने समर्थन किया हो, फिर भी हड़ताल अवधि का वेतन काटा गया हो।
एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख 10 मांगें, जिन पर हुआ था 33 दिन का आंदोलन -
1. संविलियन एवं स्थायीकरण
2. ग्रेड पे या वेतनमान निर्धारण
3. पब्लिक हेल्थ अकादमी एवं पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
4. कार्यमूल्यांकन (सीआर) व्यवस्था में पारदर्शिता
5. लंबित 27% वेतन वृद्धि प्रदान करना
6. नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
7. अनुकंपा नियुक्ति
8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश सुविधा
9. स्थानांतरण नीति
10. न्यूनतम 10 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा
संघ की अपील - त्योहारों के समय जहाँ प्रदेशवासी उत्सव मना रहे हैं, वहीं एनएचएम कर्मचारी घर का खर्च चलाने तक के लिए परेशान हैं। सरकार को चाहिए कि 16500 परिवारों को भी खुशियाँ मनाने का अवसर मिले।
हमारी अपेक्षा है कि आज की कैबिनेट बैठक से -
25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी हो
33 दिन की हड़ताल को शून्य घोषित करते हुए उस अवधि का वेतन दिया जाए
शेष मांगों पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित हो
अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के सुशासन के वादे को चरितार्थ करती है या कर्मचारी फिर मायूस लौटते हैं।
संघ पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया - जिला अध्यक्ष पूरन दास एवं प्रवक्ता बृजेश दुबे ने कहा “एनएचएम कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आंदोलन स्थगित किया गया। चर्चा में जिलों में की गई कार्रवाई शून्य करने तथा 25 पदाधिकारियों की बहाली का आश्वासन मिला था। हमें पूर्ण विश्वास है कि आज की कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय होगा।”