कृषि प्रधान जिले में खाद की कमी को लेकर पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने लिखा कलेक्टर को पत्र
जल्द आपूर्ति व्यवस्था कराने का किया मांग, नहीं होने पर आंदोलन की कहीं बात
भाजपा सरकार को लिया आड़े हाथों, कहा भाजपा सरकार को सत्ता में 2 वर्ष होने को है, किंतु किसानों के हितों को लेकर सजग नहीं
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बेमेतरा जिले में कृषि की शुरुआत में ही बेमेतरा जिले में खाद की कमी विशेष कर यूरिया, डीएपी के नाम पर किसानो को परेशान होते हुए देखकर बेमेतरा जिला कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बेमेतरा जिले के कृषि प्रधान होने का हवाला देते हुए कहा है कि बेमेतरा जिले में खरीफ फसल लगाने की शुरुआत होने वाली है और जिले के सोसाइटी में किसानों के लिए खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे उन्हें भटकना पड़ रहा है। उन्होंने इस विषय पर जिला कलेक्टर से किसानों के हित में पहल करते हुए खाद उपलब्ध कराने हेतु प्रयास करने को कहा है। पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि कृषि की शुरुआत का समय आ चुका है, कुछ ही दिनों में किसान बुवाई की शुरुआत भी करेंगे, ऐसे में किसानों को खाद यूरिया, डीएपी का ना मिलना उन्हें परेशान करने वाला है। बेमेतरा जिला एक कृषि प्रधान जिला है, जहां लोग मुख्य रूप से कृषि पर ही आश्रित है। भाजपा सरकार सत्ता में आए हुए 2 वर्ष होने को आ रहा है, किंतु आज तक किसानों के हितों को लेकर सजग नहीं हो पाई है। शायद भाजपा की सरकार किसानों के लिए सजग होना भी नहीं चाहती, यही कारण है कि चुनाव पूर्व 3100 की घोषणा करने के बाद पिछले दो सीजन में धान को 3100 में खरीदने के बाद भी इस वर्ष भाजपा सरकार के द्वारा वर्ष 2025-26 में धान का मूल्य 3100 ही रखा गया है, जबकि पिछले सीजनों से भाजपा की सरकार यही मूल्य देते आ रही है। समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद भी किसानों को ठगने का काम भाजपा के सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा जब से भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में सत्ता से आई है, तब से 3100 मूल्य के साथ प्रतिवर्ष बढ़ते हुए समर्थन मूल्य को जोड़ते हुए ही कम से कम धान की खरीदी की जाए, अगर ऐसा किया जाता है, तो किसानों का धान लगभग 3500 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकेगा, जिससे किसानों को लाभ होगा, किसान समृद्ध होंगे, देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी। भाजपा सरकार के द्वारा ना तो किसानो के कृषि ऋण माफ किया जा रहे हैं और ना ही उन्हें बढे हुए समर्थन मूल्य को 3100 में जोड़कर धान की खरीदी की जा रही है। धान खरीदी से बचने के लिए सरकार के द्वारा खाद की शॉर्टेज की जा रही है, जिससे किसानो की उपजवार अच्छी ना हो और राज्य सरकार को कम धान खरीदना पड़े। साथ ही साथ अगर खाद बिकता भी है तो वह भाजपा समर्थित कृषि केंद्रो पर दोगुना तिगुने दामों पर बेची जा रही है, उसे किसान खरीदने को मजबूर हो और प्रशासन मुक दर्शक बनकर बैठा हुआ है। पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि अगर किसानों के लिए समय पर खाद उपलब्ध नहीं किए जाते है, तो ऐसी स्थिति में कांग्रेस बेमेतरा जिले में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।