गुरुवार, 5 जून 2025

बेमेतरा जिले को हराभरा करना हम सबकी जिम्मेदारी - केदार कश्यप

बेमेतरा जिले को हराभरा करना हम सबकी जिम्मेदारी - केदार कश्यप 

संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण में शामिल हुए वन मंत्री 

वन मंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए बतायी अहम बातें  
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 5 जून 2025 - विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज यहाँ जिला पंचायत के सभागार में आयोजित जल-वन-जन संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संगोष्ठी का आयोजन वनमंडल दुर्ग द्वारा आयोजित किया गया। 
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जल संकट और पर्यावरण के महत्व पर पावर प्रजेंटेशन के ज़रिए तथ्यों और आँकड़ों को साझा किया। उन्होंने जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और जल संचयन के महत्व पर जोर दिया।प्रगतिशील किसानों ने कम पानी वाली फसलों के बारे में जानकारी दी और अपने गांवों को जल संकट से बचाने के उपाय बताए। 
     वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेमेतरा जिला वन विहीन है और इसे हराभरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है, पर स्थानीय लोगों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने ट्यूबवेल, पंप बोरिंग, उद्योग आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायत भवनों और भवन निर्माण स्थलों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाने पर बल दिया। 
         इसके साथ ही उन्होंने किसानों से कम पानी की फसलों जैसे कोदो-कुटकी, अरहर, मक्का, दलहन, तिलहन जैसी फसलों को अपनाने पर जोर दिया। वन मंत्री ने जल संकट से निपटने के लिए “जल मित्र ग्राम” की अवधारणा पर भी चर्चा की, जिसमें हर गाँव को अपना जल बजट तैयार करने और वर्षा जल संग्रहण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। 
        खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार या प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि खाद्य उत्पादन की दिशा में भी हमें फसलों के चयन में विवेक रखना होगा और किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी लोग अपने घरों में भी वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाएं। 
        अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि हमें वर्षा जल संचयन को आदत में शामिल करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में जल जागरूकता अभियान चलाकर नई पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से “एक घर-एक पौधा” अभियान के रूप में लिया जाए, जिससे हर घर में कम से कम एक पौधा लगाया जाए और उसकी देखभाल सुनिश्चित की जाए।  
         कलेक्टर श्री शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न में पौधा भेंट किया। इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, वन मंडलाधिकारी दुर्ग दीपेश कपिल, एसडीओ वन एचवी दुबे, रेंजर माधुरी तिवारी, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ रजकर बोर्ड प्रह्लाद रजक, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, अध्यक्ष जनपद श्रीमती हेमा दिवाकर, अजय साहू, राजेन्द्र साहू सहित जनप्रतिनिधि किसान गणमान्य नागरिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। 

1.80 करोड़ की लागत से बनी सड़क 6 माह भी नहीं टीकी, हुआ जर्जर

मुख्य मार्ग से टेढ़ी तक 4 किमी सड़क मार्ग निर्माण को हो रहा 9 माह, मगर 6 माह में हुआ बदहाल  सड़क की स्थिति ने खोली विभाग की कार्यशैली व गुणवत...