50 बार से ज्यादा आवेदन निवेदन नहीं बनी बात
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/साजा - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी समय पर वेतन नहीं मिलने, संविलियन, ग्रेड पेय स्केल निर्धारण, मेडिकल अवकाश, क्लिनिकल एवं मैनेजमेंट दोनों ही वर्ग के लिए पब्लिक हेल्थ कैडर की मांग को लेकर 1 मई को स्वास्थ्य भवन नवा रायपुर का घेराव करेंगे।
अन्य राज्यों में हैं लागू - संघ के जिलाध्यक्ष पूरन दास ने कहा संघ 20 वर्षो से मांग करता आ रहा हैं, लेकिन आज पर्यंत तक इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। जबकि मणिपुर, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु में नियमितीकरण एवं मेडिकल अवकाश जैसे कोई महत्वपूर्ण सुविधा दिया जा चूका हैं। तमिलनाडु राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों का समयबंध रूप से नियमितीकरण होता जाता हैं। मातृत्व राज्य मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में अच्छे पॉलिसी बनाया गया हैं।
वेतन भी अप्राप्त - संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को जुलाई 2023 के विधानसभा में घोषित 27% की वेतन की राशि भी अप्राप्त है, जबकि कई विभागों को इसका यह राशि प्रदान किया गया हैं।
निराश व आक्रोश के बाद निर्णय - ज्ञात हो कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 20 वर्ष हो चुके हैं, इसके बाद भी कर्मचारियों की स्थिति जस की तस बनी हुई हैं, जिससे कर्मचारी बहुत निराश एवं आक्रोश में है। जबकि कई राज्यों में कर्मचारियों का ग्रेड पेय स्केल नियमितीकरण, बेहतर सेवा शर्ते, नौकरी की सुरक्षा मिल चुकी हैं। इसके चलते प्रदेश एनएचएम कर्मचारियों ने यह तय किया गया हैं कि समय पर वेतन नहीं मिलने तथा अपनी मांगो को लेकर स्वास्थ्य भवन का घेराव किया जायेगा।
गृहस्थी बदहाल - बहुतायत जिलों में एनएचएम कर्मचारियों का समय पर वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों द्वारा घर किराया सहित अपने वृद्ध माता पिता का दवाई अन्य मेडिकल का फीस, बच्चों का स्कूल फीस, दैनिक जरूरते उधार लेकर काम चलना पड़ रहा हैं।