प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा विधानसभा में 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट को निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बजट में छत्तीसगढ़ राज्य के आधार स्तंभ यहां के किसानों के लिए इस सरकार ने इस बजट में किसी भी प्रकार से कोई प्रावधान नहीं किया है, ना हीं किसानों को किसी प्रकार से छूट दी गई है, ना ही उनके लिए कोई नई योजना लाई गई है। भाजपा की सरकार मात्र कागजी घोड़ा दौड़ने का कार्य वित्त मंत्री ने किया है और वह सारी खोखली बातें हैं, पूर्व में भी इसी तरह का बजट भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया था। विगत एक वर्षों में प्रदेश में पूरी तरह से विकास थम गया है, चारों ओर लूट मची हुई है। इस बजट में ना तो किसानों के लिए कोई व्यवस्था है, ना कर्मचारियों के लिए कोई विशेष राहत दी गई है। नई सड़क, पुल पुलिया निर्माण की बात तो सरकार ने की ही नहीं है, इससे जाहिर है कि सरकार यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में कोई रुचि नहीं रखती। ना ही चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य के लिए कोई विशेष घोषणा की गई है, पूर्व के जितने भी शासकीय अस्पताल हैं वहां चिकित्सकों एवं साजो समान की कमी है, उसे भी सरकार नजरअंदाज कर रही है स्वामी आत्मानंद स्मृति उत्कृष्ट अंग्रेजी मध्य विद्यालयों के लिए इस बजट में किसी भी प्रकार से कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे जाहिर है कि प्रदेश सरकार यहां के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए गंभीर नहीं है। सरकार द्वारा जो अपनी पीठ थपथपाई के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है वह उनके चुनावी घोषणा पत्र में ही इन्होंने कहा था कि केंद्र के समान महंगाई भत्ता दिया जाएगा, जो अब तक लागू नहीं किया गया है। साथ ही साथ भाजपा के द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए जारी किए गए घोषणा पत्र में सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने की बात कही गई थी, उसे बारे में भी इस बजट में कहीं कोई दूर-दूर तक बात नहीं की गई है, ना ही दैनिक वेतन भोगियों के संबंध में किसी प्रकार की कोई बात कही गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी जो इस बजट से घोषणा पत्र में कही गई बातों को पूरी करने की बाट जोह रहे थे, वह भी निराशा है। राज्य में लाइब्रेरी स्थापना की बात पिछले बजट में की गई थी, कुछ जिलों का चयन भी किया गया था, लेकिन अब तक ऐसी जानकारी नहीं है कि 1 वर्ष में लाइब्रेरी निर्माण के लिए नीव भी रखी गई हो। एक ही घोषणा को हर बजट में दोहराना आम जनता को बेवकूफ बनाना है, इससे साफ है कि भाजपा मात्र कागज पर घोड़े दौड़ा रही है, उसे वास्तविक विकास तथा आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है। ठीक इसी तरह जिले के तीनों विधायक जिसमें से एक मंत्री भी है बेमेतरा जिले को किसी भी तरह से कोई सौगात न मिलना इन जन प्रतिनिधियों के नाकामी है। बजट में विशेष रूप से बेमेतरा जिले को उपेक्षित किया गया है। विशेष रूप से बेमेतरा विधानसभा तो पिछले 2 बजटो में उपेक्षित रहा है, यहां के जनप्रतिनिधि सत्ता शासन में कमजोर साबित हो रहे हैं, जिसके कारण बेमेतरा में जो विकास की गति पिछले विधानसभा में पकडी थी वह पूरी तरह से रुक गई है। दोनों ही बजटो में बेमेतरा को कुछ भी आवंटित नहीं हुआ है और ना ही यहां के जनप्रतिनिधि की सक्रियता दिखाई देती है कि वह राज्य सरकार से बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के लिए कुछ हासिल कर पाए, कुल मिलाकर प्रदेश जिला और विधानसभा पूरी तरह से उपेक्षित हो रहा है। पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि राजनीति से हटकर उन्हें आशा थी कि वर्तमान में बेमेतरा के जनप्रतिनिधि द्वारा सरकार के समक्ष बेमेतरा जिले तथा विधानसभा का पक्ष प्रमुखता के साथ रखते हुए बेमेतरा जिले के लिए आवश्यक मेडिकल कॉलेज सहित नर्सिंग कॉलेज की घोषणा इस बजट में करवाई जा सकती थी। पूर्व में उनके विधायक कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री के आगमन पर बेमेतरा में मेडिकल कॉलेज स्थापना की बात कही गई थी, किंतु सरकार बदल गई, जिस कारण से बेमेतरा मेडिकल कॉलेज से वंचित हो गया। उन्हें आशा थी कि वर्तमान सरकार और जनप्रतिनिधि इस दिशा में कार्य करेंगे, किंतु भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने जनहित का मुद्दा होने से इस पर ध्यान नहीं दिया है, जबकि विकासखण्डो में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की बात बजट में की गई है, ऐसे में बेमेतरा को चिकित्सा क्षेत्र में एक सिरे से खारिज किया जाना यहां की जनप्रतिनिधियों की नाकामी है।