प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - जिलें के ग्राम लोलेसरा में पंथ श्री हुजुर उग्रनाम साहेब स्मृति में कबीरपंथ के संत समागम मेला में चौथे दिन चौका आरती में विधायक दीपेश साहू शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ दुर्ग सांसद विजय बघेल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू भी उपस्थित रहें। विधायक दीपेश साहू ने साहेब बंदगी की जयघोष के साथ कबीरपंथ के छोटे गुरु डॉ भानुप्रताप नाम साहब से आर्शीवाद प्राप्त किया और भव्य आयोजन के लिए पूरे आयोजन समिति और कबीरपंथ के अनुयायियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि साहेब बंदगी मानव से मानवता तक और एक दूसरे को सह-सम्मान करने तथा अभिवादन करने की पवित्र संस्कृति हैं। इस संस्कृति की महत्ता एवं ख्याति दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। श्री साहू ने कहा कि कबीरपंथ ने सर्व मानव समाज को एक दूसरे को जोड़ने का मार्ग दिखाया। कबीरपंथ के गुरु श्री प्रकाश मुनिनाम साहेब ने कहा कि कबीर पंथ कोई धर्म या जाति नहीं, बल्कि सत्गुरु कबीर साहेब द्वारा दिखाया हुआ एक मार्ग है। इस मार्ग पर चलकर हर धर्म, जाति और मजहब का व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। उन्होंने अपने अनुयायियों को सदाचार और सत्य का मार्ग दिखाते हुए साहेब बंदगी अभिवादन का मूल स्वरूप एवं संदेश दिया। गुरु गोसाई डॉ भानुप्रताप साहेब ने कहा कि कबीरपंथ के लोग जब भी अपनों से मिलते हैं, तो उन्हे सच्ची भाव और सम्मान से साहेब बंदगी से अभिवादन किया जाता है। साहेब बंदगी का मूल अर्थ मानव और मानवता के अंदर घट-घट में बसे परमात्मा को महसूस करते हुए उन्हें पूरे आदर और सम्मान से साहेब बंदगी से अभिवादन किया जाता है। कबीरपंथ में ऐसी मान्यता हैैं कि हर व्यक्ति के अंदर ईश्वर और परमात्मा का वास हैं, उसी को सम्मान देते हुए साहेब बंदगी कहते हैं। उन्होंने कहा कि कबीरपंथ ने सर्व मानव समाज को एक-दूसरे को जोड़ने का एक सदाचार और सत्य का मार्ग दिखाया हैं। इस पंथ में जाति, धर्म, संप्रदाय की कोई बंधन नहीं हैैं, यहां सभी धर्मा को मानने वाले लोग कबीर के बताए मार्ग पर चलकर अपना जीवन को उचाई दे रहे हैं। इस दौरान भाजपा नेता सुरेंद्र सिँह, राजेश जैन, परमेश्वर वर्मा, मोंटी साहू, निखिल साहू, संजूसिँह राजपूत, धर्मेंद्र साहू, सोम ठाकुर, बिसेन साहू, दीनानाथ साहू, हनुमत साहू, त्रिलोकी साहू उपस्थित रहें।