मामला - साजा के पदुमसरा में करूआ नाला पर उच्च स्तरीय पुलमय पहुंच मार्ग का निर्माण
विडंबना - जिलें में नहीं हैं सेतु विभाग pwd का कार्यालय व अधिकारी
बेमेतरा 26 अगस्त 2026 - जिला प्रशासन की समय सीमा और समीक्षा बैठकों के दावों की पोल खोलता एक नया मामला बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा अंतर्गत सामने आया है। जहां करूआ नाला पर उच्च स्तरीय पुल और पहुँच मार्ग का निर्माण किया जा रहा हैं। 10 माह में मई माह को पूर्ण हो जाना था, लेकिन अब तक 14 माह बीतने को हैं। मगर पुल निर्माण कार्य अब तक अपूर्ण हैं।
पदुमसरा के करूआ नाला पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण
बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा अंतर्गत ग्राम पदुमसरा में पदमी-पदुमसरा मार्ग पर करूआ नाला पर बन रहा उच्च स्तरीय पुल और पहुँच मार्ग का निर्माण किया जा रहा हैं। जिसके निर्माण के लिए शासन द्वारा 586.45 लाख की स्वीकृति दिनांक 29.09.2023 को की गई थी। जिसके निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को कार्यादेश 09/07/2025 को जारी कर 10 माह का समय सीमा निर्धारित किया गया था। मगर अब 14 महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है, जबकि इसे पूर्ण करने की समय सीमा केवल 10 माह निर्धारित की गई थी।
योजना और वित्तीय स्थिति
प्रशासनिक स्वीकृति : 586.45 लाख (दिनांक 29.09.2023)
ठेके की राशि : 43742745
कार्यादेश एवं अनुबंध समय : कार्यादेश 09/07/2025 को जारी किया गया था और अनुबंध के अनुसार कार्य पूरा करने की अवधि 10 माह तय की गई थी।
जिलें में कार्यालय व अधिकारी लापता
जिले में सेतु निर्माण विभाग (PWD Bridge Division) का न तो कोई स्थाई कार्यालय है और न ही जिम्मेदार अधिकारी बेमेतरा में बैठते हैं। जानकारी के अनुसार विभाग का डिवीजन ऑफिस दुर्ग एवं सब डिविजन ऑफिस कवर्धा से संचालित होती हैं। विभागीय अनदेखी के कारण ठेकेदार द्वारा कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शासन की मंशा और जन-सुविधा के उद्देश्यों को झटका लग रहा है।
परियोजना का तकनीकी विवरण
पुल की लंबाई : 90 मीटर (03 नग लगातार 02 स्पॉन @ 30 मीटर प्रत्येक)
पहुँच मार्ग की लंबाई : पदमी की ओर 235 मीटर एवं पदुमसरा की ओर 66.50 मीटर
संरचना विवरण : 05 पियर, 03 स्लैब और 02 अबटमेन्ट
सामान कीचड़ व पानी में पड़े हो रहें खराब
इस पुल निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार द्वारा लाए गए सामान छड़ आदि ऐसे ही खुले, कीचड़ व पानी में पड़े हुए हैं जो खराब हो रहे हैं और इसी खराब समानों का उपयोग इस पुल निर्माण कार्य में किया जाएगा। जिससे निर्माण कार्य में गुणवत्ता को देखने वाला कोई नहीं हैं।
सुविधा बनीं समस्या व मुसीबत
इस उच्च स्तरीय पुलमय पहुंच मार्ग को बारिश के पूर्व पूर्ण हो जाना था, मगर अब तक की स्थिति में अपूर्ण हैं। जिससे विभाग व ठेकेदार द्वारा सरकार की मंशा को पलीता लगाया जा रहा हैं। सुविधा के जिस उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई वह जमीनी स्तर पर लोगों के लिए उल्टे समस्या व मुसीबत बन गई हैं। बरसात में राहगीरों व क्षेत्रवासियों को इस मुसीबत का सामना रोज करना पड़ रहा हैं।
परेशानी, आक्रोश, सवाल
समय सीमा बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा न होने से स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों में विभाग व ठेकेदार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त हैं। वहीं जिले में सेतु विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति से इस परियोजना की निगरानी व गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस निर्माण कार्य के सम्बन्ध में विभाग के ईई, एसडीओ, इंजीनियर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर संपर्क नहीं हो पाया जिससे उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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