गाड़ाडीह, पतोरा के बाद गोडमर्रा का भी अधूरा हैं 10 लाख का यात्री प्रतीक्षालय

सभी जगह से अधिक खराब स्थिति में हैं गोडमर्रा के यात्री प्रतीक्षालय निर्माण का कार्य 

प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ा विकास : साजा ब्लॉक में निर्माण कार्यों को अधिकारियों ने बना दिया मजाक 

ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी प्रथा की बात आ रही सामने, नियम कानून दरकिनार, हकीकत में मिल रहें बाहरी ठेकेदारों का पंचायतों में कार्य करने का प्रमाण 

साप्ताहिक समीक्षा बैठक का सच, 3 माह का कार्य 19 महीने में नहीं हुआ पूर्ण 

निर्माण पूर्ण का ठेका दो विभागों को, ऐसी हैं दोनों विभागों की मॉनिटरिंग व कार्यप्रणाली 
बेमेतरा 13 जुलाई 2026 - जिला प्रशासन की साप्ताहिक समीक्षा बैठकों के दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम गाड़ाडीह, पतोरा, गोडमर्रा का रुख किया जा सकता है। यहाँ विकास कार्यों में बरती जा रही कछुआ चाल और प्रशासनिक उदासीनता का एक के बाद एक बड़ा मामला सामने आता जा रहा है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वीकृत किया गया 10 लाख रुपए के यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्य योजना कार्य आदेश जारी होने के 19 महीने बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है, जबकि नियमानुसार इसे मात्र 3 महीने के भीतर पूर्ण किया जाना था। 

क्या है पूरा मामला? 
मिली जानकारी के अनुसार, साजा ब्लॉक के विभिन्न ग्रामों सहित गाड़ाडीह, पतोरा, गोडमर्रा में 10- 10 लाख रुपए की लागत से यात्री प्रतीक्षालय निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति पश्चात इस कार्य का कार्य आदेश कलेक्टर कार्यालय बेमेतरा से 10.01.2025 को जारी कर 03 माह में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही इस कार्य के लिए एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत साजा को बनाने का आदेश जारी किया गया था। जिसके बाद जनपद पंचायत साजा से ग्राम पंचायतो को एजेंसी बनाकर कार्य आदेश दिया गया था। इस निर्माण कार्य की मुख्य जिम्मेदारी (निर्माण एजेंसी) स्थानीय ग्राम पंचायत को सौंपी गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं कार्य कराने के बजाय, यह निर्माण कार्य किसी बाहरी ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। 

निर्माण की स्थिति अत्यंत खराब 
साजा ब्लाक में यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्यों में ग्राम गोडमर्रा के यात्री प्रतीक्षालय निर्माण का कार्य अत्यंत खराब हैं। यहां के स्थल का निरीक्षण करने पर पाया गया कि यहां पर निर्माण कार्य के नाम पर केवल चबूतरा ही बनाया गया हैं, जिस पर अभी झाड़ फूस उग आए हैं। जबकि अन्य गाड़ाडीह व पतोरा में तो चबूतरा में टाइल्स लगाया जा चुका हैं, मगर यहां यह भी नहीं हैं। 
अधिकारियों की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग पर उठे सवाल 
इस लेटलतीफी ने ब्लॉक और जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। जब ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी प्रथा नहीं है तो इस कार्यों को कैसे कोई बाहरी ठेकेदार कर रहा हैं। इस ठेकेदार पर किसकी मेहरबानी हैं। 
लापरवाही पर चुप्पी : 
साजा ब्लॉक में निर्माण कार्यों के लिए आखिर ऐसा कौन सा नियम-कानून चल रहा है, जहाँ 3 महीने का काम 19 महीने में भी पूरा नहीं होता और जिम्मेदार ठेकेदार या एजेंसी पर कोई कार्रवाई तक नहीं की जाती? अगर समय सीमा का पालन नहीं करना है तो समय सीमा ही क्यों दी जाती हैं। 
निगरानी का अभाव : 
विभाग के तकनीकी अधिकारियों और मैदानी अमले द्वारा निर्माण कार्य के प्रति घोर लापरवाही और मॉनिटरिंग में कमी देखी जा रही है। जबकि पंचायत विभाग में निर्माण कार्यों के मॉनिटरिंग के लिए जनपद पंचायत एवं आरईइस विभाग होता हैं, जिनकी निगरानी व जिम्मेदारी में निर्माण संबंधी कार्य होते हैं।  

एजेंसी ग्राम पंचायत, कार्य बाहरी ठेकेदार 
ज्ञात हो कि इस यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्य के लिए प्रशासन व जनपद पंचायत साजा द्वारा एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया था, मगर हाई लेबल राजनीति के चलते इस कार्य को बाहरी ठेकेदार द्वारा किया जा रहा हैं। यह ठेकेदार अपनी पावर व पहुंच का इस्तेमाल कर मैं काम लाया हूं मैं ही करूंगा कह कर अधिकारियों व नेताओं के संरक्षण पर सरपंच से कार्य को लेकर स्वयं किया जा रहा हैं। 

कार्य अधूरा ठेकेदार गायब 
उक्त यात्री प्रतीक्षालय इन तीनों ग्रामों गाड़ाडीह, पतोरा, गोडमर्रा निर्माण को अब लगभग 19-20 माह होने को है लेकिन निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा हैं। यह अधूरा निर्माण कार्य अब सरपंच सचिवों की गले का फांस बन चुका हैं। वहीं उनके द्वारा ठेकेदार को फोन से संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिल पा रहा हैं। 

अधूरा निर्माण कार्य भी हो रहा क्षतिग्रस्त 
साजा ब्लाक के ग्राम गाड़ाडीह, पतोरा, गोडमर्रा के यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्य के निरीक्षण में पाया गया कि इस अधूरे निर्माण कार्य ऐसे ही पड़ा हुआ हैं जिसके कारण अब वह क्षतिग्रस्त होने लगा हैं। जिससे कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा हैं। अब अधिकारी क्या क्या देखेंगे अधूरा निर्माण या गुणवत्ता? कुल मिलाकर सरकार के पैसे का खूब बंदर बांट किया जा रहा हैं, वह भी अधिकारी व जन प्रतिनिधियों के संरक्षण में। 
समीक्षा बैठकों की खुली पोल 
जिला मुख्यालय में हर हफ्ते होने वाली कलेक्ट्रेट की 'साप्ताहिक समीक्षा बैठकें' (TL Meeting) सिर्फ कागजी कोरम बनकर रह गई हैं। यदि इन बैठकों में वाकई समय-सीमा के भीतर कार्यों की समीक्षा की जाती, तो पतोरा का यात्री प्रतीक्षालय डेढ़ साल से अधिक समय तक इस हाल में न रहता। 

ग्रामीणों में आक्रोश 
यात्री प्रतीक्षालय न बनने से जहां एक ओर जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राशि की स्वीकृति प्रदान की गई हैं वह उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पाया, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य के अपूर्ण होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को धूप, धूल और बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे बसों और वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय राशि का दुरुपयोग हो रहा है और बाहरी ठेकेदार व अधिकारियों की जुगलबंदी के कारण जनता परेशान है। 

       ग्राम गाड़ाडीह, पतोरा, गोडमर्रा के यात्री प्रतीक्षालय निर्माण की खबर के बाद भी स्थानीय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने अब तक कोई कार्यवाही नजर नहीं आई। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद बेमेतरा जिला प्रशासन जागता है या फिर गोडमर्रा के ग्रामीणों का यह इंतजार और लंबा होता है। 

    यात्री प्रतीक्षालय निर्माण में ग्राम पंचायत एजेंसी बस हैं, कार्य को बाहरी ठेकेदार कर रहा हैं। कार्य अपूर्ण हैं उसका अतापता नहीं हैं, कार्य पूर्ण करने के वह हा बस बोलता हैं, अब उसको अंतिम अवसर दिया गया हैं, उसके बाद भी नहीं करने पर अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
----- करण सिंहा, सरपंच प्रतिनिध, ग्राम पंचायत गोडमर्रा (साजा) 

   यात्री प्रतीक्षालय निर्माण की एजेंसी ग्राम पंचायत हैं, अपूर्ण कार्य के लिए ग्राम पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया हैं। उनके जवाब के बाद जल्द पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा। 
----- सोमनाथ साहू, सीईओ, जनपद पंचायत साजा, बेमेतरा 

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