माँ गोदावरी आनंदवन आश्रम में प्रेम, सम्मान और अपनत्व के साथ मनाया गया मातृ दिवस
मातृ दिवस के अवसर पर बुजुर्गों को कराया गया नंदनवन भ्रमण
रायपुर/बेमेतरा 11 मई 2026 - मदर्स डे के पावन अवसर पर माँ गोदावरी आनंदवन आश्रम गोमची रायपुर में बुजुर्ग माताओं के साथ बड़े ही प्रेम, सम्मान और आत्मीयता के साथ मातृ दिवस मनाया गया।
इस विशेष अवसर पर आश्रम परिवार एवं स्टाफ द्वारा बुजुर्ग माताओं के साथ केक काटकर उन्हें सम्मान दिया गया तथा उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की गई। पूरे आश्रम परिसर में स्नेह, अपनत्व और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम में निवासरत बुजुर्ग माताओं के चेहरे पर खुशी, मुस्कान और भावुक पल साफ नजर आए। आश्रम परिवार के सदस्यों ने सभी माताओं का आशीर्वाद लेकर मातृ शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान बुजुर्ग माताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और सभी को स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
मातृ दिवस को और अधिक यादगार बनाने के उद्देश्य से आश्रम में निवासरत बुजुर्ग माताओं को नंदनवन भ्रमण के लिए भी ले जाया गया। वहाँ पहुंचकर सभी माताओं ने प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली एवं विभिन्न प्रकार के सुंदर पक्षियों को देखकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। प्रकृति के बीच बिताए गए इन खुशनुमा पलों ने सभी के चेहरे पर नई मुस्कान ला दी। घूमने-फिरने और मनोरंजन के दौरान बुजुर्ग माताएं बेहद भावुक और आनंदित नजर आईं। कई माताओं ने कहा कि उन्हें परिवार जैसा प्रेम और सम्मान माँ गोदावरी आनंदवन आश्रम में मिलता है, जिससे वे स्वयं को अकेला महसूस नहीं करतीं। पूरे भ्रमण के दौरान आश्रम परिवार द्वारा उनका विशेष ध्यान रखा गया।
इस अवसर पर आश्रम की ट्रस्टी श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि माता-पिता का सम्मान और सेवा करना सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा सौभाग्य होता है। बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची सेवा और जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि माँ गोदावरी आनंदवन आश्रम गोमची रायपुर में बुजुर्गों की खुशियों, स्वास्थ्य, मनोरंजन और मानसिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि वे अपने जीवन के हर पल को सम्मान, आत्मीयता और आनंद के साथ जी सकें।
उन्होंने आगे कहा कि आज के आधुनिक दौर में कई बुजुर्ग अकेलेपन और उपेक्षा का सामना करते हैं, ऐसे समय में उनका साथ देना और उन्हें परिवार जैसा स्नेह देना हम सभी की जिम्मेदारी है। बुजुर्ग हमारे जीवन के अनुभवों की अमूल्य धरोहर हैं। उनके आशीर्वाद, संस्कार और मार्गदर्शन से ही परिवार और समाज मजबूत बनता है।
उन्होंने कहा कि जिस घर और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सदैव सुख, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।
श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि मातृ दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि माताओं और बुजुर्गों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। हमें हर दिन अपने माता-पिता और बुजुर्गों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए तथा उनके सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ कुछ समय बिताना, उनकी बातें सुनना और उन्हें अपनापन महसूस कराना भी बहुत बड़ी सेवा है।
उन्होंने कहा कि माँ गोदावरी आनंदवन आश्रम गोमची रायपुर का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को परिवार जैसा वातावरण प्रदान करना है, जहां वे स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और खुश महसूस करें। आश्रम परिवार हमेशा यह प्रयास करता है कि यहां रहने वाले सभी बुजुर्गों के जीवन में खुशियां बनी रहें और वे कभी अकेलापन महसूस न करें।
मातृ दिवस के इस विशेष आयोजन ने सभी बुजुर्ग माताओं के जीवन में नई खुशी, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव का एहसास कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रेम, सम्मान, स्नेह और पारिवारिक वातावरण देखने को मिला, जिसने इस दिन को सभी के लिए अत्यंत भावुक, प्रेरणादायक और यादगार बना दिया।