8.69 लाख खसरों में से 56 हजार से अधिक का डिजिटल हस्ताक्षर पूर्ण, थान खम्हरिया तहसील प्रथम, दाढ़ी द्वितीय व देवकर तृतीय स्थान पर
पारदर्शी भूमि अभिलेख की दिशा में तेज़ी, किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
बेमेतरा 28 अप्रैल 2026 - जिला बेमेतरा ने डिजिटल किसान किताब हस्ताक्षर अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश के 33 जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले में कुल 869514 खसरों में से अब तक 56157 खसरों का डिजिटल हस्ताक्षर पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 813357 खसरे लंबित हैं। वर्तमान में जिले की उपलब्धि 6.46 प्रतिशत दर्ज की गई है। साथ ही ऑटो डायवर्सन के क्षेत्र में भी बेमेतरा जिला प्रदेश में 7 वें स्थान पर है, जो जिले के राजस्व कार्यों में हो रही प्रगति को दर्शाता है।
थान खम्हरिया प्रथम, दाढ़ी द्वितीय व देवकर तृतीय स्थान पर
तहसीलवार प्रदर्शन में थान खम्हरिया तहसील ने 11.8 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद दाढ़ी तहसील 7.83 प्रतिशत के साथ द्वितीय एवं देवकर तहसील 7.3 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रही। अन्य तहसीलों में भिम्भौरी एवं बेमेतरा ने 6.4 प्रतिशत, साजा ने 6.16 प्रतिशत तथा नवागढ़ ने 6.00 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। वहीं बेरला (4.63 प्रतिशत) और नांदघाट (2.7 प्रतिशत) तहसीलों में कार्य में और तेजी लाने की आवश्यकता बताई गई है।
जिले की विस्तृत प्रगति के अनुसार
थान खम्हरिया में कुल 81275 खसरों में से 9560 हस्ताक्षरित एवं 71715 लंबित हैं, दाढ़ी में 57753 में से 4524 हस्ताक्षरित एवं 53229 लंबित, देवकर में 69332 में से 5089 हस्ताक्षरित एवं 64243 लंबित, भिम्भौरी में 60960 में से 3910 हस्ताक्षरित एवं 57050 लंबित, बेमेतरा में 167512 में से 10642 हस्ताक्षरित एवं 156870 लंबित, साजा में 94104 में से 5801 हस्ताक्षरित एवं 88303 लंबित, नवागढ़ में 97434 में से 5847 हस्ताक्षरित एवं 91587 लंबित, बेरला में 154096 में से 7141 हस्ताक्षरित एवं 146955 लंबित तथा नांदघाट में 87047 में से 2372 हस्ताक्षरित एवं 84675 लंबित हैं।
किसान कैसे करें किसान किताब डिजिटल हस्ताक्षर
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी किसान किताब (खसरा) के डिजिटल हस्ताक्षर शीघ्र पूर्ण करें। इसके लिए किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र या संबंधित पटवारी/राजस्व कार्यालय में आधार कार्ड एवं भूमि दस्तावेज के साथ संपर्क कर सकते हैं। वहां OTP या बायोमेट्रिक के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया आसानी से पूरी की जाती है।
छत्तीसगढ़ में भूमि डायवर्सन (Land Diversion) की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं ऑटोमेटिक किए जाने से अब कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तित करना बेहद सरल, तेज और पारदर्शी हो गया है। राज्य सरकार के “उपहार (UPAHAR)” एवं e-District पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे बी-1 एवं खसरा विवरण के आधार पर आवेदन कर सकते हैं, जिससे एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहती। नई व्यवस्था के तहत डायवर्सन की प्रक्रिया मात्र 15 से 72 घंटे में पूर्ण हो रही है, जिससे समय की उल्लेखनीय बचत हो रही है। साथ ही ऑनलाइन प्रणाली के कारण बिचौलियों की भूमिका समाप्त होकर भ्रष्टाचार में कमी आई है।
स्व-मूल्यांकन की सुविधा के तहत आवेदक स्वयं डायवर्सन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं, जिससे कलेक्टर गाइडलाइन के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता बनी रहती है। इस सुविधा से न केवल प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि भूमि का उपयोग बदलने के बाद उसकी बाजार कीमत में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
किसान किताब डिजिटल हस्ताक्षर के फायदे
डिजिटल हस्ताक्षर होने से भूमि अभिलेख पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित हो जाते हैं। इससे किसानों को बैंक ऋण, फसल बीमा एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होती है। साथ ही पारदर्शिता बढ़ती है, विवाद की संभावना कम होती है और भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं का लाभ सहज रूप से मिल पाता है।
जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लंबित खसरों के डिजिटल हस्ताक्षर कार्य में और तेजी लाते हुए लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। यह उपलब्धि जिले में डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।