नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बदलेगा राजनीति का स्वरूप - पूर्व विधायक लाभचंद बाफना

नए कानून को लेकर पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने की सरकार व कानून की प्रसंशा 
बेमेतरा 13 अप्रैल 2026 - देश के महिला उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए सरकार ने नया कानून बनाया है। इस नए कानून को लेकर पूर्व विधायक लाभचंद बाफना नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम साबित होगा। 
   उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इस कानून से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। 
    उन्होंने कहा कि अब तक महिलाओं को अक्सर केवल वोट बैंक के रूप में देखा जाता था, लेकिन इस अधिनियम के लागू होने के बाद उन्हें नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में स्थान मिलेगा। 
   इससे महिलाओं की सोच, अनुभव और दृष्टिकोण सीधे तौर पर देश की नीतियों में परिलक्षित होंगे, जिससे अधिक समावेशी और संतुलित निर्णय लिए जा सकेंगे। 
   इस विधेयक को लागू करने के लिए पहले भी कई बार प्रयास किए गए, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पाया।  
 अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इसे संसद में प्रस्तुत किया गया और पारित किया गया, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 
 उन्होंने यह भी कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे देश की लगभग आधी आबादी को वास्तविक प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। 
     महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से राजनीति का स्वरूप अधिक व्यापक, संवेदनशील और जनहितकारी बनेगा।
   उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अधिनियम उसी सोच का विस्तार है, जिसमें महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है। 
   आज महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आगे आ रही हैं। 
   पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 के चुनावों तक इस अधिनियम का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। 
    बड़ी संख्या में महिलाएं संसद और विधान सभाओं में पहुंचेंगी और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इससे राजनीति में नई ऊर्जा, पारदर्शिता और जवाबदेही भी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी। 
      इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
   पूर्व विधायक श्री बाफना ने इस अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। 

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