वेदांता पावर प्लांट में मजदूरों की मौत दुखद, मुआवजा के साथ प्रबंधन पर हो हत्या का मुकदमा दर्ज - शिवसेना छग प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान

शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने सौंपा ज्ञापन मृतक परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा व जीवन भर भरण, पोषण की उठाई मांग 

घटना के विरोध में शिवसेना ने मुख्यमंत्री के नाम बेमेतरा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा एवं पुलिस महानिदेशक रायपुर के नाम से किया पत्र प्रेषित  
बेमेतरा 16 अप्रैल 2026 - शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के छग प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान ने कहा कि जांजगीर-चांपा, शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट फैक्ट्री हुए हादसे के बाद मजदूरों की मौत और कई घायल होने की घटना को लेकर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी कडा रुख अपनाया है। इस घटना के विरोध में शिवसेना के प्रतिनिधियों ने जिला बेमेतरा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा एवं पुलिस महानिदेशक रायपुर के नाम से पत्र प्रेषित किया। 

प्रबंधक की लापरवाही पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग 
शिवसेना ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वेदांता पावर प्लांट फैक्ट्री प्रबंधक की गंभीर लापरवाही के कारण ही यह दर्दनाक हादसा हुआ है, इसलिए फैक्ट्री प्रबंधन पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जिम्मेदार प्रबंधकों को जेल भेजा जाए। शिवसेना पार्टी ने कहा कि यदि शासन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता हैं, तो इस मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ मानते हुए आंदोलन तेज किया जाएगा। मृत परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजा दिया जाए, साथ ही उनके आश्रितों को स्थाई नौकरी एवं जीवन भर भरण पोषण खर्च राज्य सरकार व प्रबंधक की जिम्मेदारी होनी चाहिए। 

घायलों के लिए आजीवन देखभाल व मुआवजा 
शिवसेना पार्टी के प्रदेश महासचिव दाऊराम चौहान ने कहा कि हादसे में घायल मजदूरों को भी उचित आर्थिक सहायता दी जाए और उनके घर परिवार का खर्चा जीवन भर फैक्ट्री प्रबंधन वहन करें। संगठन ने चेतावनी दी है कि मजदूरों के हितों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल 
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि जब तक फैक्ट्री के अंदर सभी सुरक्षा मानक तय नहीं किए जाते और उसका पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता तब तक मजदूरों की जान खतरे में रहेगी। 

आंदोलन की चेतावनी 
ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि अगर शासन प्रशासन और पुलिस मजदूरों को उचित मुआवजा नहीं दिलाती और उक्त फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करती, तो शिवसेना सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। पार्टी ने साफ कहा है कि मजदूरों की जान की कीमत पर उद्योगों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।