देवकर, अकलवारा, सहसपुर, नवकेशा, थानखम्हरिया, ओड़िया, तेंदो, परसबोड़ सहित चिन्हित उच्च जोखिम गाँवों में हो रहा चेस्ट एक्स-रे एवं बलगम जाँच के माध्यम से टीबी की पहचान

बीएमओ साजा डॉ एके वर्मा एवं बीपीएम लोकेश साहू के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत साजा ब्लॉक के चिन्हित 47 गाँवों में हो रहा सफल संचालन 

कलेक्टर के निर्देश व सीएमएचओ के मार्गदर्शन पर जिले में निक्षय निरामय 100 दिवसीय अभियान फेज 0.2 का किया जा रहा क्रियान्वयन 
बेमेतरा 27 अप्रैल 2026 - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत, मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री की मंशा के अनुरूप कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर एवं जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. बीएल राज के मार्गदर्शन में साजा विकासखंड में टीबी मुक्त भारत अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। 
   खंड चिकित्सा अधिकारी साजा डॉ. एके वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उच्च जोखिम वाले गाँवों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत उन व्यक्तियों को उच्च जोखिम श्रेणी में रखा गया है, जिनमें पूर्व में टीबी का उपचार करा चुके मरीज, टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क, 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध, कुपोषित व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह से ग्रसित, नशा/शराब सेवन करने वाले, भीड़भाड़ या सामूहिक स्थलों में रहने वाले तथा ईंट-भट्ठा, खदान, क्रशर मशीन एवं राइस मिल में कार्यरत श्रमिक शामिल हैं। 
     अभियान के तहत लक्षणयुक्त व्यक्तियों की चेस्ट एक्स-रे (Hand Held X-Ray) एवं बलगम (सपुटम) जाँच की जा रही है। जाँच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों का उपचार तुरंत प्रारंभ किया जा रहा है। 
       यह 100 दिवसीय अभियान 24 मार्च से प्रारंभ होकर निरंतर संचालित है, जिसमें मरीजों को डॉट्स एवं टीपीटी के तहत उपचार प्रदान किया जा रहा है। 
अभियान के प्रथम चरण में घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की लाइन लिस्ट तैयार की गई थी। उसी के आधार पर वर्तमान में उच्च जोखिम वाले गाँवों में माइक्रोप्लान के अनुसार जाँच कार्य किया जा रहा है। 
    भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार साजा विकासखंड के कुल 47 गाँवों को उच्च जोखिम क्षेत्र में चिन्हित किया गया है।
अब तक देवकर, अकलवारा, सहसपुर, नवकेशा, थानखम्हरिया, ओड़िया, तेंदो, परसबोड़ सहित सभी चिन्हित गाँवों में स्क्रीनिंग एवं जाँच कार्य किया जा रहा है। साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन एवं पोषण आहार लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 
   खंड चिकित्सा अधिकारी साजा डॉ. एके वर्मा एवं बीपीएम लोकेश साहू के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। खंड वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक पुरन दास द्वारा सतत सुपरविजन किया जा रहा है। 
  इस कार्य में जिला कार्यक्रम समन्वयक संपत्ति बंजारे, हैंड हेल्ड एक्स-रे टेक्नीशियन जावेद खान, सैज टंडन, सीएचओ, आरएचओ संजय दास मानिकपुरी, के. देशमुख, गुलाब टंडन तथा मितानिन कार्यकर्ता सविता, पुष्पा अनंत, सुनीता तिवारी सहित समस्त स्वास्थ्य अमला एवं एमटी का सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है।