महाविद्यालय में फूलगोभी, बैंगन एवं मिर्च की विभिन्न किस्मों की लगभग डेढ़ लाख नर्सरी पौध किए जा चुके हैं तैयार
कालेज परिसर के विकसित फल वाटिकाओं में हैं अमरूद, आम, ड्रैगन फ्रूट, नींबू, अनार एवं बेल
बेमेतरा 21 अप्रैल 2026 - रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बेमेतरा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान महाविद्यालय में संचालित विभिन्न बागवानी गतिविधियों, नर्सरी विकास एवं अनुसंधान कार्यों का विस्तार से अवलोकन किया गया।
निरीक्षण दल में सहायक संचालक अनुसंधान डॉ. नरेंद्र लाकपाले प्रमुख वैज्ञानिक (पौध संरक्षण), डॉ. जीएल शर्मा विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख (फल विज्ञान) तथा डॉ. एल. एस. वर्मा विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख (पुष्प विज्ञान) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय शामिल रहे। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर के मार्गदर्शन में टीम ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
वर्तमान में महाविद्यालय में बागवानी गतिविधियों का संचालन डॉ. कुंती बंजारे के नेतृत्व में किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में हाईटेक प्लग टाइप नर्सरी एवं मातृवाटिका का निर्माण किया गया है, जो आधुनिक तकनीकों पर आधारित है। टीम ने इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता की सराहना की।
महाविद्यालय में वर्तमान समय में फूलगोभी, बैंगन एवं मिर्च की विभिन्न किस्मों की नर्सरी तैयार की जा रही है। अब तक लगभग डेढ़ लाख पौध तैयार किए जा चुके हैं। ये पौधे सॉइल-लेस मीडिया (कोको पीट) में तैयार किए जाने के कारण उच्च गुणवत्ता वाले हैं तथा इनमें कीट एवं रोग लगने की संभावना कम रहती है। इन पौधों को किसानों को 1.25 से 1.50 रुपये प्रति पौधा की दर से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। वर्षभर में लगभग 10 लाख सीडलिंग तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
टीम द्वारा महाविद्यालय परिसर में विकसित फल वाटिकाओं अमरूद, आम, ड्रैगन फ्रूट, नींबू, अनार एवं बेल का भी निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही ‘वेस्ट टू वेल्थ’ कार्यक्रम अंतर्गत अलसी से कपड़ा निर्माण से संबंधित प्रयोगशाला का अवलोकन भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. नरेंद्र लाकपाले ने महाविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर किए जा रहे कार्यों की सराहना की और टीम को बधाई दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ परिचर्चा करते हुए फल एवं सब्जियों में लगने वाले रोगों तथा उनके प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. टीडी साहू, डॉ. यूके ध्रुव, डॉ. राजेश्वरी कुर्रे, डॉ. महानंद साहू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।