जिला पंचायत बेमेतरा के समान्य सभा में लोकसभा 33% महिला आरक्षण बिल निरस्त होने के कारण कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के खिलाफ लाया गया निंदा प्रस्ताव
बेमेतरा 27 अप्रैल 2026 - जिला पंचायत बेमेतरा की सामान्य सभा की बैठक में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में 33% महिला आरक्षण बिल लाया तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के द्वारा महिला आरक्षण बिल को पास करने सहयोग नहीं करके विरोध किया गया और अपना बहुमत नहीं दिया गया और ईस विरोध के चलते महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया। इसे लेकर आज जिला पंचायत के समान्य सभा निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने जिला पंचायत के समान्य सभा मे निंदा प्रस्ताव रखा और कहां महिला सशक्तिकरण, समान भागीदारी और विकसित भारत की परिकल्पना पर विस्तार से अपने विचार रखे।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना केवल आधुनिक रेल, बेहतर सड़कें, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर या बढ़ते आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उससे कहीं व्यापक है। यह एक ऐसे राष्ट्र का सपना है, जहां “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र वास्तविक रूप में लागू हो और देश की 50 प्रतिशत आबादी माताएं एवं बहनें निर्णय प्रक्रिया में बराबरी से भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहभागिता के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर देश में वर्षों से चर्चा होती रही है और हर चुनाव में यह स्पष्ट हुआ है कि जो लोग महिलाओं को उनके अधिकार देने का विरोध करते हैं, उन्हें जनता ने स्वीकार नहीं किया।
वर्ष 2024 में सभी राजनीतिक दलों द्वारा महिला आरक्षण का समर्थन किया जाना एक सकारात्मक संकेत है, जो यह दर्शाता है कि जब राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है, तब राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक निर्णय लिए जाते हैं। यही लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।
अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने पंचायत स्तर पर महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 25-30 वर्ष पहले यह माना जाता था कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देना आसान है, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। पंचायतों में कार्य करते हुए लाखों महिलाओं ने नेतृत्व, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास विकसित किया है। जो महिलाएं पहले अपनी बात नहीं रख पाती थीं, आज वे खुलकर अपने विचार व्यक्त कर रही हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रासरूट स्तर पर उभरी यह महिला शक्ति अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह सकती। आज महिलाएं विधानसभा और संसद जैसे बड़े मंचों पर भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती हैं। यह केवल उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि एक सशक्त और समावेशी लोकतंत्र की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज की राजनीति में जो लोग महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। समय की मांग है कि इस उभरती हुई नारी शक्ति को सम्मान दिया जाए और निर्णय प्रक्रिया में उन्हें समान स्थान प्रदान किया जाए।
अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि देश की महिलाओं की समझदारी, संवेदनशीलता और अनुभव देश को नई दिशा दे सकते हैं। जब 33 प्रतिशत महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंचेंगी, तो वे समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझते हुए निर्णय लेंगी। यही सच्चे अर्थों में विकसित भारत की पहचान होगी। एक ऐसा भारत, जहां हर नागरिक की भागीदारी हो, हर आवाज सुनी जाए और हर निर्णय में समानता एवं न्याय का भाव हो।
अंत में उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सशक्त बनाने की बात नहीं, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी देना ही सच्चा सशक्तिकरण है। यही कदम देश को समावेशी, न्यायपूर्ण और विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
बैठक में जिला पंचायत बेमेतरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के उपस्थित में जिला पंचायत के सभी सदस्यगण अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, उपाध्यक्ष खुशबू गोविंद पटेल, प्रीती गोविंद पटेल, मधु रॉय, अंजू बघेल, प्रीतम सिंह चंदेल, अनिल वर्मा, अंजलि नंदराम गंधर्व, देवी परमेश्वर वर्मा उपस्थित रहे। सक्रिय सहभागिता के साथ महत्वपूर्ण निंदा प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से निर्णय पास किया गया।