बिसनाथ अध्यक्ष, रामखिलावन सचिव, भगवती उपाध्यक्ष व हेमचंद को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी

परिक्षेत्रीय निषाद समाज पाहंदा के वार्षिक अधिवेशन बारगांव में नई समिति का गठन 

सामाजिक कुरीतियों को दूर करने समाज में होगी पहल 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 08 मार्च 2026 - परिक्षेत्रीय निषाद समाज पाहंदा बेरला का वार्षिक अधिवेशन पिछले दिनों ग्राम बारगांव के सामाजिक भवन में आयोजित किया गया। अधिवेशन में नवीन समिति का भी गठन किया गया। मटिया निवासी बिसनाथ निषाद को सर्व सम्मति से अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वही आनंदगांव निवासी रामखिलावन निषाद को पुनः सचिव बनाया गया। साथ ही आनंदगांव निवासी भगवती निषाद को उपाध्यक्ष व जामगांव निवासी हेमचंद निषाद को कोषाध्यक्ष पद पर पुनः सर्व सम्मति से नियुक्त किया गया। 
  परिक्षेत्रीय निषाद समाज पाहंदा के अध्यक्ष बनने पर बिसनाथ निषाद ने समाज के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित और कमजोर समूहों के विकास और सशक्तिकरण के लिए काम करना है। उन्होंने समाज को पारदर्शी, सशक्त और प्रभावी बनाने तथा उनकी टीम के साथ मिलकर सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 
  सचिव रामखिलावन निषाद द्वारा आय-व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया। अधिवेशन में सामाजिक प्रकरण का भी निर्णय किया गया। संचालन निषाद समाज के जिलाध्यक्ष दिलीप निषाद के द्वारा किया गया। 

19 गांव के पदाधिकारी हुए शामिल 
इस अधिवेशन में परिक्षेत्र के 19 गांव के लोग शामिल हुए। अधिवेशन में निषाद समाज के जिला सचिव नरेंद्र निषाद, सलाहकार ज्ञान निषाद, जमघट के फगुवा निषाद, सहगांव के विजय, पाहंदा के तुलसी राम, माधो, बलौदी से बुधराम, तेलगा से रामायण निषाद, गणेश, तीजराम, अतरगढ़ी से खेदू निषाद, मुड़पार से रामसिंह, बारगांव से प्रकाश निषाद, संतोष, कोसपातर से पुनाराम निषाद सहित 19 गांव के निषाद समाज के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे। 

आर्थिक कमजोर छात्रों के उच्च शिक्षा पर समाज की मदद पर जोर 
निषाद समाज के जिला अध्यक्ष दिलीप निषाद ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य की नीव है, नींव जितनी मजबूत होगी उतनी जड़े हमारे समाज की मजबूत होंगी। समाज में शिक्षा तथा आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान छात्रों के उच्च शिक्षा पर समाज की ओर से ज्यादा से ज्यादा मदद करने पर जोर दिया। 
वार्षिक अधिवेशन में सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य 
निषाद समाज के जिला सचिव नरेंद्र निषाद ने कहा कि शिक्षा पाने का लक्ष्य केवल निजी या सरकारी विभाग में उच्च पदों पर आसीन होना नहीं है, बल्कि श्रेष्ठ समाज की रचना में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज के वार्षिक अधिवेशन में सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। वार्षिक अधिवेशन में उपस्थित नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। 

एक निश्चित लक्ष्य लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें - ज्ञान निषाद 
सलाहकार ज्ञान निषाद ने कहा कि एक निश्चित लक्ष्य लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो सफलता मिलती है। ये जिम्मेदारी सिर्फ बच्चे का ही नहीं, बल्कि पालक का भी होना चाहिए। विपरीत परिस्थिति में धैर्य से काम ले। नई प्रतिभाओं को पल्लवित करने की जिम्मेदारी समाज की है।