समर्थन मूल्य पर अरहर खरीदी कार्य का शुभारंभ परपोड़ी (साजा) उपार्जन केंद्र में

पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य 8 हजार रु प्रति क्विंटल पर होगी खरीदी, बेमेतरा जिले में 9 उपार्जन केन्द्र स्थापित 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 12 मार्च 2026 - प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत आज 12 मार्च 2026 को जिले के परपोड़ी उपार्जन केन्द्र में अरहर खरीदी कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। कृषि विभाग, नेफेड, मार्कफेड तथा सहकारिता विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में एक कृषक से 15 क्विंटल अरहर की खरीदी कर खरीदी कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई। 
       इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा अरहर (तुअर) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिस पर पंजीकृत किसानों से उपज की खरीदी की जा रही है। 

उद्देश्य - इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना, दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। 

जिलें में 9 उपार्जन केन्द्र स्थापित 
जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में कुल 9 उपार्जन केन्द्र सेवा सहकारी समिति दाढ़ी, खंडसरा, थान खम्हरिया, ठेलका, साजा, परपोड़ी, नवागढ़, देवरबीजा, बेरला स्थापित किए गए हैं, जहाँ चना, अरहर, सरसों सहित विभिन्न दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उपार्जन केन्द्रों में तौल व्यवस्था, बारदाना, पेयजल, छाया तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 

भुगतान बैंक खाते में, निगरानी करेगा विभाग 
अधिकारियों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। किसानों की उपज की तौल इलेक्ट्रॉनिक कांटे के माध्यम से की जा रही है तथा खरीदी के बाद भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा समुचित निगरानी भी की जा रही है। 

अपील - कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम उपार्जन केन्द्र में निर्धारित समयानुसार अपनी उपज लेकर आएं और शासन द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाएं। 

पंजीकृत किसानों को लाभ 
साथ ही कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने किसानों को यह भी बताया गया कि खरीदी केन्द्रों में आवश्यक दस्तावेज एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ही उपज लाना सुनिश्चित करें, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। 

खरीदी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं व्यवस्थित 
जिला प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। शासन की इस पहल से जिले के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।