पेयजल व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर जारी किया संपर्क नंबर

ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन हुआ सतर्क, समस्याओं के समाधान हेतु तैयारियां की शुरू 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 12 मार्च 2026 - ग्रीष्मकालीन मौसम को ध्यान में रखते हुए जिले में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिला बेमेतरा में पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जिला, विकासखंड एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है तथा उनके संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। 
     जिला प्रशासन ने बताया कि गर्मी के दौरान किसी भी ग्राम या क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न होने, हैंडपंप खराब होने अथवा बंद होने की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पेयजल कंट्रोल रूम भी गठित किया गया है। इसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। 
     इसके अलावा नागरिकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी जारी किया गया है, जिस पर पेयजल संबंधी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्मी के मौसम में आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। 
   जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न स्तरों पर निम्न अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है - 

जिला स्तर पर नोडल अधिकारी
मोतीलाल ठाकुर (सहायक मानचित्रकार) मोबाइल 7389531388

बेमेतरा विकासखंड स्तर पर
संतोष कुमार नायक (सहायक अभियंता) मोबाइल 7049301410

बेमेतरा जनपद स्तर पर
योगेश कुमार सिन्हा (उपअभियंता) मोबाइल 8085527621

नवागढ़ विकासखंड स्तर पर
डीके कोशले (उपअभियंता) मोबाइल 8871926074

साजा विकासखंड स्तर पर
संदीप प्रधान (सहायक अभियंता) मोबाइल 8770439831

साजा जनपद स्तर पर
एके करैया (उपअभियंता) मोबाइल 8878832200

बेरला जनपद स्तर पर
डीएल वर्मा (उपअभियंता) मोबाइल 9691188118

अपील - जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पेयजल संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित नोडल अधिकारी अथवा टोल फ्री नंबर पर जानकारी दें, ताकि समस्या का शीघ्र निराकरण किया जा सके। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा और पेयजल व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।