डीआईजी रामकृष्ण साहू ने ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान थाना नांदघाट का किया औचक निरीक्षण

डीआईजी ने बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण थाना परिसर की स्थिति का लिया जायजा 

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश  

चोरी एवं अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग गश्त के दिए निर्देश  
बेमेतरा 22 मार्च 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया तथा थाना नांदघाट का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान उपस्थित अधिकारी व जवानों को मजबूत सूचना तंत्र विकसित कर बेहतर पुलिसिंग करने, अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाए जाने के साथ कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में निर्देश दिए। 
      निरीक्षण के दौरान बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण चौकी परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया। अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान एवं शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। 
      डीआईजी रामकृष्ण साहू ने विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर प्रहरी अभियान एवं त्रिनयन एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। “सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। 
    कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। 
   उन्होंने समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। 
          बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी संकलित करें। निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत नजर रखें तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करें। 
 उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सुदृढ़ करना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से सूचना तंत्र मजबूत होगा और क्षेत्र पर पुलिस का नियंत्रण बेहतर होगा। 
  डीआईजी रामकृष्ण साहू ने सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने, चोरी एवं अन्य अपराधों पर अंकुश हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग एवं कॉम्बिंग गश्त बढ़ाने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। 
  उन्होंने सरप्राइज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने, “सशक्त एप” के उपयोग को बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 
      साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी आदि में नियमित चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों, ठेला, गुमटी संचालकों एवं फेरीवालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 
     उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों में जागरूकता अभियान चलाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 
    निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी नांदघाट निरीक्षक लेखराम ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक छन्नू लाल ध्रुव, प्रधान आरक्षक राजकुमार चौबे, नयन दास, खुलेश्वर गायकवाड़ सहित थाना नांदघाट के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।