खाद्य कारोबारियों और मध्यान्ह भोजन कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व खाद्य लाइसेंस शिविर
जिलें के ब्लाकों में आयोजित शिविरो में बेमेतरा में 10, साजा में 11, बेरला में 12, नवागढ़ में 13 मार्च को
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 09 मार्च 2026 - भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से छोटे खाद्य व्यवसाय संचालकों और मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) से जुड़े कर्मचारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, ताकि खाद्य पदार्थों के सुरक्षित निर्माण, भंडारण और वितरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से खाद्य व्यवसाय संचालकों और मध्यान्ह भोजन कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों का पालन करने, भोजन को सुरक्षित ढंग से तैयार करने, खाद्य सामग्री के सही भंडारण तथा खाद्य पदार्थों के हैंडलिंग के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम, पोषण मानकों में सुधार और आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से 10 मार्च से 13 मार्च 2026 तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात सभी प्रतिभागियों को FoSTaC प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ-साथ उन खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके पास अभी तक खाद्य लाइसेंस या पंजीयन नहीं है। ऐसे संचालकों को प्रशिक्षण स्थल पर ही खाद्य लाइसेंस/पंजीयन के लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इन स्थानों पर प्रशिक्षण एवं शिविर का आयोजन
10 मार्च 2026 - शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेमेतरा
11 मार्च 2026 - जनपद पंचायत सभाकक्ष विकासखंड साजा
12 मार्च 2026 - स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय विकासखंड बेरला
13 मार्च 2026 - विकासखंड स्रोत केंद्र नवागढ़
अपील - खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों, होटल-ढाबा संचालकों, किराना दुकानदारों तथा मध्यान्ह भोजन बनाने वाले स्वसहायता समूहों से अपील की गई है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसका लाभ उठाएं। साथ ही जिनके पास खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं है, वे इस अवसर का लाभ लेते हुए खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीयन के लिए आवेदन प्रस्तुत करें। इस पहल से जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा तथा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।