मशरूम प्रोटीन, मिनरल, विटामिन-डी एवं एंटीऑक्सीडेंट का हैं उत्कृष्ट स्रोत - कृषि कालेज बेमेतरा अधिष्ठाता डॉ संदीप भंडारकर

कृषि महाविद्यालय बेमेतरा में मशरूम प्रसंस्करण पर दो दिवसीय प्रायोगिक कार्यशाला एवं प्रदर्शन का आयोजन 

कृषि कालेज बेमेतरा में होता हैं मशरूम स्पान (बीज) का उत्पादन व विपणन 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 08 जनवरी 2026 - रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र ढोलिया (बेमेतरा) में कृषि विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मशरूम प्रसंस्करण पर आधारित दो दिवसीय प्रायोगिक कार्यशाला एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ संदीप भंडारकर के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कृषि छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर ने अपने उद्बोधन में मशरूम के पोषण एवं आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मशरूम प्रोटीन, मिनरल, विटामिन-डी एवं एंटीऑक्सीडेंट का उत्कृष्ट स्रोत है। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं किसानों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मशरूम आधारित उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
      कार्यशाला के दौरान श्रीमती राजेश्वरी कुर्रे सहायक प्राध्यापक (पादप रोग विज्ञान) द्वारा छात्र-छात्राओं को मशरूम उत्पादन तकनीक एवं प्रसंस्करण की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को मशरूम से विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे मशरूम बड़ी, बिजौरी, पापड़, डूपकी एवं मशरूम आचार बनाने का प्रशिक्षण दिया तथा इनके घरेलू एवं व्यवसायिक स्तर पर उपयोग की विधियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मशरूम कम कैलोरी वाला, लेकिन उच्च पोषण तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन (B एवं D) तथा खनिज तत्व जैसे पोटेशियम, सेलेनियम एवं जिंक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मशरूम का नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, हृदय एवं हड्डियों के स्वास्थ्य में सहायक होता है तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाता है। इसके साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण यह कोशिकाओं को क्षति से बचाने एवं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी सहायक है। 
   कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि कृषि महाविद्यालय बेमेतरा में मशरूम स्पान (बीज) का उत्पादन कर उसका विपणन भी किया जाता है, जिससे क्षेत्र के किसान एवं उद्यमी लाभान्वित हो सकते हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में कृषि छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे वे भविष्य में मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण को स्वरोजगार के रूप में अपनाने हेतु प्रेरित हुए।