वीबी जीरामजी कानून पर कांग्रेस का विरोध देश और गांव विरोधी मानसिकता का प्रमाण - ओबीसी मोर्चा पूर्व प्रदेश मंत्री एवं सरगुजा संभाग प्रभारी होरीलाल सिन्हा

नए कानून का कांग्रेस के द्वारा विरोध को लेकर पूर्व प्रदेश मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए दी तीखी प्रतिक्रिया 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 19 जनवरी 2026 - भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं सरगुजा संभाग प्रभारी होरीलाल सिन्हा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कानून विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला ऐतिहासिक कानून है, लेकिन कांग्रेस अपनी तुष्टिकरण और नकारात्मक राजनीति के चलते इसका खुलकर विरोध कर रही है।
     श्री सिन्हा ने कहा कि यह कानून अब केवल गरीबी उन्मूलन तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों की मूलभूत आवश्यकताओं, आजीविका, रोजगारमूलक कार्यों और विकास योजनाओं को एकीकृत कर ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला कानून है। मनरेगा में जहां पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी, वहीं अब उसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, ताकि गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आय में सीधी बढ़ोतरी हो सके।
     भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं सरगुजा संभाग प्रभारी होरीलाल सिन्हा ने कहा कि यह कानून खेती-किसानी के मुख्य सीजन को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों और किसानों को समय पर मजदूर उपलब्ध हों। यह सोच भाजपा की दूरदर्शी नीति को दर्शाती है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा ग्रामीण भारत को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है।
श्री सिन्हा ने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को ‘राम’ शब्द से ही एलर्जी है। भाजपा का विरोध करते-करते कांग्रेस अब राम और ग्रामीण विकास दोनों की विरोधी बन चुकी है। यही कारण है कि वह इस जनकल्याणकारी कानून के खिलाफ झूठा नरेटिव गढ़ने और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। 
    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि VB-G-RAM-G कानून गरीबों की आय सुरक्षा, सम्मानजनक रोजगार और सशक्त गांव की गारंटी है। कांग्रेस चाहे जितना विरोध कर ले, लेकिन यह कानून लागू रहेगा और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।