जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाना समय की मांग है, जिससे जोखिम कम और आय में हो सके वृद्धि - केवीके प्रमुख तोषण कुमार ठाकुर
क्रेडा विभाग के सहायक संचालक आकाश शर्मा ने वैकल्पिक ऊर्जा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी
केवीके बेमेतरा में राष्ट्रीय किसान दिवस का भव्य आयोजन, किसानों के योगदान को किया गया नमन
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 24 दिसम्बर 2025 - कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) बेमेतरा में देश के पाँचवें प्रधानमंत्री एवं किसान हितैषी नेता स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय किसान दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों के योगदान, उनकी मेहनत और देश की खाद्य सुरक्षा में उनकी भूमिका को स्मरण करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में एमडी डडसेना उप संचालक कृषि बेमेतरा, आकाश शर्मा सहायक संचालक क्रेडा, रोशन लाल वर्मा सहायक संचालक सीएसएसडीए एवं अभिषेक जायसवाल सहायक आयुक्त ट्रायबल विभाग विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख तोषण कुमार ठाकुर के स्वागत उद्बोधन से हुई। केवीके प्रमुख श्री ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय किसान दिवस देश के विकास, आत्मनिर्भरता एवं खाद्य सुरक्षा में किसानों के अतुलनीय योगदान को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसान को अन्नदाता कहा जाता है, इसलिए वर्तमान समय में केवल अधिक उत्पादन ही नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ कृषि उत्पादन पर ध्यान देना आवश्यक है। साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाना समय की मांग है, जिससे जोखिम कम हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर उप संचालक कृषि एमडी डडसेना ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को जलवायु सहनशील नवीन किस्मों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे कम वर्षा बेमेतरा जिले में दर्ज की गई, ऐसे में कम पानी की आवश्यकता वाली रबी एवं ग्रीष्मकालीन दलहनी-तिलहनी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए तथा ग्रीष्मकालीन धान की खेती को कम से कम या बंद करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में क्रेडा विभाग एवं लाईवलीहुड विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आकाश शर्मा एवं रोशन लाल वर्मा द्वारा दी गई, जिससे किसानों को वैकल्पिक ऊर्जा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के किसानों के नाम संबोधन का लाईव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित किसानों ने ध्यानपूर्वक सुना। साथ ही भारत सरकार की नई पहल “विकसित भारत - जी राम जी योजना” के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में केवीके के वैज्ञानिक डॉ. जितेन्द्र जोशी, डॉ. लव कुमार एवं डोमन सिंह टेकाम ने किसानों एवं कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को वर्तमान कृषि पद्धतियों, संभावनाओं एवं तकनीकी सुधारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उन्नत एवं उपयुक्त कृषि तकनीकों को समझदारी से अपनाने पर जोर देते हुए किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
राष्ट्रीय किसान दिवस के इस कार्यक्रम में कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र मोहगांव साजा की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुरभी वर्मा, कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित 90 से अधिक किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने किसानों में नई ऊर्जा, जागरूकता एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का उत्साह भरते हुए राष्ट्रीय किसान दिवस को सार्थक बनाया।