बढ़ाई गई धान खरीदी लिमिट बेमेतरा जिले के आवश्यकता से हैं कम - जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा

बढ़ाई गई धान खरीदी लिमिट बेमेतरा जिले के आवश्यकता से हैं कम - जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा 

अल्टीमेटम - 30 दिसंबर तक अगर धान की लिमिट और नहीं बढ़ाई जाती है तो जिला कांग्रेस सभी सोसाइटियों में करेगी तालाबंदी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 26 दिसम्बर 2025 - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छावड़ा ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा जो प्रत्येक सोसाइटियों में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई है वह बेमेतरा जिले के 129 धान खरीदी केंद्र/सोसाइटी में धान खरीदी की जो लिमिट राज्य शासन ने बढ़ाई है वह धान खरीदी के लिए निर्धारित दिवस में किसानों के धान खरीदी कर पाना संभव ही नहीं है। ऐसी स्थिति में किसानों को बहुत नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 
        राज्य सरकार द्वारा बेमेतरा जिले में जिस तरीके से धान खरीदी के लिए हील हवाला किया जा रहा है, वह समझ से परे हैं, जबकि राज्य के खाद्य मंत्री बेमेतरा जिले से ही चुनकर गये हुए हैं, ऐसे में बेमेतरा जिले के किसानों का समस्या से उनका वाकिफ न होना, निश्चित रूप से भाजपा जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। अन्य जिलों के धान खरीदी केंद्रों/सोसाइटियों में जो धान खरीदी के लिमिट बढ़ाई गई है, उसकी तुलना में बेमेतरा जिले के सभी 129 धान खरीदी केंद्रों में जो लिमिट बढ़ाई गई है वह बहुत ही कम है। 
        किसान पहले से ही परेशान है, उन्हें बुरी तरीके से परेशान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसान राज्य सरकार को धान ना बेचे। वैसे भी धान खरीदी को लगभग दो महीने होने जा रहा है, किसानों के धान उनके ब्यारे में ही रखे रखे सूख गए हैं, जिससे वजन में भारी कमी आई है। 
          राज्य सरकार द्वारा जिस तरीके से धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई गई है, इससे 31 जनवरी तक धान के वजन में और भी कमी आएगी। किसानों को अपनी दूसरी फसल के लिए पैसों की आवश्यकता पड़ने को देखते हुए वह निजी हाथों में औंने पौने दामों में अपने धान को बेचेंगे। कहीं ना कहीं इसमें भाजपा सरकार का बहुत बड़ा षड्यंत्र नजर आता है, जो किसानों के साथ किया जा रहा है। 

अल्टीमेटम - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने तय किया है कि 30 दिसंबर तक अगर धान की लिमिट और नहीं बढ़ाई जाती है, तो ऐसे में जिला कांग्रेस सभी सोसाइटियों में तालाबंदी का कार्यक्रम करेगी। जिससे कुंभकरणी नींद्रा में डूबी हुई भाजपा सरकार किसानों के दर्द को समझ सके।