गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन युगों तक देता रहेगा मानवता का संदेश - जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा

गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन युगों तक देता रहेगा मानवता का संदेश - जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा 

बेरला (बेमेतरा) के हतपान, बांसा एवं अछोली में आयोजित जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा  
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 27 दिसम्बर 2025 - बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत हतपान, बांसा एवं अछोली में आयोजित परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 
इस अवसर पर ग्रामवासियों एवं समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास का जन्म ऐसे समय हुआ जब समाज में छुआछूत, ऊंच-नीच, झूठ-कपट का बोलबाला था। ऐसे समय में उन्होंने समाज को एकता,भाईचारे तथा समरसता का संदेश दिया, बाबा गुरु घासीदास ने समाज के लोगों को प्रेम और मानवता का संदेश दिया। 
         संत गुरु घासीदास की शिक्षा आज भी प्रासंगिक है, बाबा ने समाज के लोगों को सात्विक जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने न सिर्फ सत्य की आराधना की, बल्कि समाज में नई जागृति पैदा की और अपनी तपस्या से प्राप्त ज्ञान और शक्ति का उपयोग मानवता की सेवा के कार्य में किया। इसी प्रभाव के चलते लाखों लोग गुरु घासीदास बाबा के अनुयायी हो गए। गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का बचपन से ही विरोध किया, उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत की भावना के विरुद्घ 'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश दिया। 
       गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन युगों तक मानवता का संदेश देता रहेगा, वे आधुनिक युग के सशक्त क्रांतिदर्शी गुरु थे। इनका व्यक्तित्व ऐसा प्रकाश स्तंभ है, जिसमें सत्य, अहिंसा, करुणा तथा जीवन का ध्येय उदात्त रुप से प्रकट है। बाबा के बताए मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही अपने जीवन में अपना तथा अपने परिवार को आगे बढ़ा पाएगा। घासीदास बाबा ने कहा था कि हमें नशा-पान का सेवन नहीं करना चाहिए, सदा सादा जीवन जीना चाहिए। हम सभी को बाबा जी के बताए मार्ग में चल कर अपने जीवन को सफल बनाना है। 
       इस अवसर पर ललित विश्वकर्मा, रवि परगनिहा, शुभम वर्मा, कविता साहू, नवाज खान, राजेश दुबे, रास बिहारी कुर्रे, सुमित राजपूत, राजेश चंदेल, नरोत्तम देशलहरे, मालिक दास भंडारी, शत्रुघ्न बंजारे, फत्ते दास कुर्रे, जितेंद्र जोशी, राजकुमार सेन, गोविंदा राजपूत, राज कुमार बंजारे, डीकेश्वरी रघु दिवाकर, पारस बंजारे, बाबूलाल बंजारे, लेखु बंजारे, संतराम बंजारे, पूरनलाल सोनवानी, राजेंद्र कुर्रे, प्रेमदास गायकवाड, पोकचंद, आनंद शर्मा, गोविंद कोसले सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।