श्रीमद् भागवत कथा बारगांव (बेरला) में धूमधाम से मना श्री कृष्ण जन्मोत्सव
बारगांव (बेरला) में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रोताओं की भीड़, कल होगी श्रीकृष्ण-रूखमणी विवाह
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला 22 दिसम्बर 2025 - बेमेतरा जिले के बेरला ब्लाक के ग्राम बारगांव में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार को धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।
भागवत कथा में भगवान के जन्मोत्सव को लेकर मंच को फूलों की माला और गुब्बारों से विशेष रूप से सजावट की गई थी। इस विशेष दिन को लेकर श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रही।
भागवताचार्य पंडित खिलेंद्र दुबे (खमतराई वाले) ने भगवान श्री कृष्ण की जन्म कथा सुनाते हुए कहा कि बाल गोपाल का जन्म देवकी और वासुदेव के आठवें संतान के रूप में होता है। देवकी व वासुदेव का अर्थ समझाते हुए कहा कि देवकी यानी जो देवताओं की होकर जीवन जीती है और वासुदेव का अर्थ है जिसमें देव तत्व का वास हो। ऐसे व्यक्ति अगर विपरीत परिस्थितियों की बेड़ियों में भी क्यों न जकड़े हो, भगवान को खोजने के लिए उन्हें कहीं जाना नहीं पड़ता है, बल्कि भगवान स्वयं आकर उसकी सारी बेड़ी-हथकड़ी को काटकर उसे संसार सागर से मुक्त करा दिया करते हैं।
उन्होंने कहा कि हर मनुष्य के जीवन में छह शत्रु हैं, काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ व अहंकार। जब हमारे अंदर के ये छह शत्रु समाप्त हो जाते हैं तो सातवें संतान के रूप में शेष जी जो काल के प्रतीक हैं वो काल फिर मनुष्य के जीवन में आना भी चाहे तो भगवान अपने योग माया से उस काल का रास्ता बदल देते हैं, तब आठवें संतान के रूप में भगवान श्री कृष्ण का अवतार होता है। जिसके जीवन में भगवान श्री कृष्ण की भक्ति आ गई तो ऐसा समझना चाहिए कि जीवन सफल हो गया।
कथा के बीच में भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की आकर्षक झांकी भी निकाली गई। श्री कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर पेश किए गए भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। भागवत कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में भक्त पहुचे।