प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 06 दिसम्बर 2025 - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव साय सरकार कांग्रेस सरकार के समय प्रारंभ की गई स्वामी आत्मानंद स्मृति उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के अस्तित्व को समाप्त करने में लगी है। पूर्व विधायक श्री छाबड़ा ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय प्रारंभ की गई स्वामी आत्मानंद स्मृति उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना की गई थी, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के गरीब, मध्यम वर्गी परिवार के लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की उत्कृष्ट शिक्षा शासकीय विद्यालय में निशुल्क प्राप्त करवा सके उद्देश्य को लेकर प्रारंभ की गई थी और यह योजना छत्तीसगढ़ में सफल भी हुई, जिसका उदाहरण है कि प्रदेश के हर कोने से स्वामी आत्मानंद स्मृति उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की मांग उठी।
मगर दुर्भाग्य का विषय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा की सरकार आते ही शिक्षा के इस पवित्र मंदिर को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता वश निशाने में लिया गया और उसका अस्तित्व मिटने की पुरजोर प्रयास किया जा रहे हैं। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले में भी खनिज न्यास मद से गैर जरूरी कामों पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, किंतु स्वामी आत्मानंद स्मृति अंग्रेजी मध्य विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन, विद्यालयों के रखरखाव के लिए शासन प्रशासन के पास पैसा नहीं है, यह जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि इन स्कूलों को बंद किया जा सके। भाजपा की सरकार नहीं चाहती कि गरीब के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें क्योंकि वह बच्चे आगे चलकर शासन प्रशासन से सवाल करेंगे और भाजपा शासन सवाल के जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
पूरे राज्य में चारों ओर लूट मची हुई है, भाजपा पदाधिकारी राज्य की जनता को लूटने में लगे हुए हैं, अपनी तिजोरिया भर रहे हैं, उन्हें लोगों के स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विषयों से कोई लेना-देना नहीं है। यह विषय उन्हें सिर्फ चुनाव में ख्याल आते हैं और बड़े-बड़े लोग लोकलुभावन वादे करके भाजपा के लोग भूल जाते हैं। पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने स्वामी आत्मानंद स्मृति विद्यालयों की रखरखाव को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है तथा शासन से मांग की है कि गरीब परिवारों के सपनों के साथ खिलवाड़ ना किया जाए, उनके बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालय में उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने में शासन सहायक बने ना कि अवरोधक।