कुष्ठ रोग शरीर में धीमी गति से बढ़ता है, जिसके लक्षण दिखने में 3 से 20 वर्ष तक लग सकते हैं, इसलिए प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार हैं अत्यंत आवश्यक - सीएमएचओ डॉ अमृतलाल रोहलेडर

कुष्ठ रोग शरीर में धीमी गति से बढ़ता है, जिसके लक्षण दिखने में 3 से 20 वर्ष तक लग सकते हैं, इसलिए प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार हैं अत्यंत आवश्यक - सीएमएचओ डॉ अमृतलाल रोहलेडर 

सघन कुष्ठ खोज अभियान हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, जनजागरूकता और कुष्ट प्रसार दर में कमी लाने दिया गया जोर 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 4 दिसम्बर 2025 - स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम तहत सघन कुष्ठ खोज अभियान हेतु जिला स्तर पर प्रशिक्षण का आयोजन सीएमएचओ कार्यालय के मीटिंग हाल में किया गया। यह कार्यक्रम राज्यशासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन में सघन कुष्ठ खोज अभियान हेतु कार्ययोजना तैयार कर जिला में अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में जिला बेमेतरा के सभी बीएमओ, बीपीएम, स्वास्थ्य केंद्र संस्थान प्रभारी के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 
प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर, जिला मलेरिया/कुष्ठ अधिकारी डॉ. बीएल राज एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री लता बंजारे, गुलाब चंद साहू प्रभारी जिला कुष्ठ सलाहकार सहित जिले के सभी बीएमओ, बीपीएम, स्वास्थ्य केंद्र संस्थान प्रभारी, बीईटीओ, डीसी, बीसी मितानिन कार्यक्रम आदि उपस्थित रहे। उक्त प्रशिक्षण कार्ययोजना तैयारी, सघन कुष्ठ खोज अभियान तहत जमीनी स्तर पर खोज कार्य करना, साथ ही जिले में कुष्ठ रोग की वर्तमान स्थिति, प्रसार दर एवं जन जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। 
      सीएमएचओ डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि कुष्ठ एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलता है। यह रोग शरीर में धीमी गति से बढ़ता है, जिसके लक्षण दिखने में 3 वर्ष से लेकर 20 वर्ष तक लग सकते हैं। इसलिए प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. बीएल राज ने बताया कि वर्ष 2030 तक कुष्ठ रोग उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में बेमेतरा जिले में कुष्ठ प्रसार दर पीआर 1.08 है, जिसे घटाकर 1 से भी कम करना लक्ष्य है। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता, स्क्रीनिंग एवं उपचार शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण में भविष्य की कार्ययोजना, जनजागरूकता अभियान एवं फील्ड टीमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा भी की गई।