मेडिकल संचालक स्टेरॉयड आई ड्रॉप बिना डॉक्टर पर्ची के न देवे - नोडल अधिकारी डॉ बीएल राज
धान कटाई के दौरान सुरक्षात्मक उपाय करें, चश्मा पहने, ताकि इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सके - सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू
स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा ने आंखों की देखरेख व सुरक्षा को लेकर की एडवाइजरी जारी
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 15 नवम्बर 2025 - स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा ने आंखों की देखरेख व सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की। इन दिनों प्रदेशभर में धान कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। खेतों में काम कर रहे किसानों को इस दौरान आंखों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि धान की बाली से आंखों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। अगर धान कटाई मिजाई के दौरान आखों में कचरा-धूल मिट्टी चला जाये तो तत्काल नेत्र रोग चिकित्सक से संपर्क करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृतलाल रोहलेडर एवं जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व) डॉ. बीएल राज ने धान कटाई एवं मिंजाई के दौरान आंखों पर खतरों से बचाव हेतु नेत्र सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए। जिसमें जिला सहायक नोडल अधिकारी (अंधत्व) विद्या सागर रात्रे को प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र सहायक अधिकारियों के द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाकर धान कटाई-मिंजाई से आंखों की सुरक्षा से बचाव किए जाने पर जानकारी देने कहा गया।
सीएमएचओ डॉ अमृतलाल रोहलेडर ने कहा कि धान की कटाई के दौरान अक्सर बाली आंख में लग जाती है, जिससे आंख की सतह (कॉर्निया) पर चोट पहुंचती है, ऐसी स्थिति में कई किसान बिना परामर्श के मेडिकल दुकानों से सस्ती और गलत दवाई का उपयोग करते है। स्टेरॉयड आई ड्रॉप जिसके नाम के पीछे L. D. K. P लिखा होता है उन्हें खरीदकर लगा देते है। इससे फंगल कॉर्नियल अल्सर हो जाता है, जिसके कारण आंख पर स्थायी सफेदी (धब्बा) आ जाती है और दृष्टि प्रभावित होती है।
नोडल अधिकारी डॉ बीएल राज ने मेडिकल संचालकों से अपील किया है कि स्टेरॉयड दवाई बिना डॉक्टर पर्ची के न देवे। इस दवाई के उपयोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य सम्बन्धित अत्यधिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ उन्होंने कहा कि यदि धान की बाली आंख में लग जाए तो स्वयं दवा का प्रयोग न करें। तुरंत नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। चिकित्सक द्वारा दी गई दवा या ड्रॉप लगाने से आंख पूरी तरह सुरक्षित रखी जा सकती है और गंभीर नुकसान से बचाव संभव है।
सिविल सर्जन डॉ लोकेश साहू ने किसानों को सलाह दी है कि धान कटाई के दौरान सुरक्षात्मक उपाय अपनाए, चश्मा पहने, ताकि इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। नेत्र अनमोल है, उसकी सुरक्षा एवं बचाव जरूरी है।