एसएसपी बेमेतरा रामकृष्ण साहू ने थाना परपोडी एवं चंदनू का औचक निरीक्षण कर लिया जायजा
पुलिस कस्टडी में आरोपियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 08 नवंबर 2025 - वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने थाना परपोडी एवं चंदनू का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ कानून व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में निर्देश दिया गया। उन्होंने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, सीसीटीएनएस कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण थाना परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होनें थाना एवं बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करें, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें एवं निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें : क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं की गतिविधियों की जानकारी एकत्र करें। गुंडा, निगरानी, सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत निगरानी रखें। क्षेत्र के भौगोलिक विवरण, प्रमुख जनप्रतिनिधि, कर्मचारी एवं वरिष्ठ व्यक्तियों की जानकारी संकलित करें। विवादग्रस्त क्षेत्र, अपराधिक ठिकानों, मेले-त्योहारों, डेरा डालने एवं घुमक्कड़ लोगों की गतिविधियों एवं क्षेत्र में चल रहे पुराने विवादों एवं विवाद का कारण की जानकारी नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करने।
एसएसपी बेमेतरा द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र अधिक मजबूत होगा।
एसएसपी बेमेतरा ने कहा कि जिले में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने एवं आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों को बीट में विभाजित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक बीट पर नियुक्त प्रभारी क्षेत्र की जानकारी एकत्र कर अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पुलिस कस्टडी (बंदीगृह) में आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं उन्हें हथकड़ी लगाने की सही विधि के बारे में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने तथा सभी पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को इस संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचा जा सके।
इस अवसर पर एसएसपी बेमेतरा ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि पुलिस कस्टडी में आरोपियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई अथवा लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को सतर्क, सजग एवं जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कस्टडी में आरोपियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई घोर लापरवाही मानी जाएगी। पुलिस कस्टडी में आरोपियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। साथ ही समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होनें नए लागू तीन आपराधिक कानूनों नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
उन्होनें विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात में गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। एसएसपी ने सायबर प्रहरी अभियान और त्रिनयन एप के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने "सशक्त एप" के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कार्यवाही को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना और चौकी में लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया।
कम्यूनिटी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के साथ-साथ मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। विजिबल पुलिसिंग और चेकिंग अभियान को सक्रिय करने की बात कही। उन्होंने म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर क्राइम और सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे अपराधों के संबंध में आम जनमानस को जागरूक करने के निर्देश दिए। महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण के लिए "ऑपरेशन मुस्कान" चलाने का भी निर्देश दिया गया। संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर पैनी नजर रखने और सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।
उन्होंने थाना प्रभारी को सोशल मीडिया पर सतत निगाह रखने और इसके अलावा, चोरी और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और काम्बिंग गश्त करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
एसएसपी बेमेतरा ने आम जनता से पुलिस का बेहतर संबंध बनाने, सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, स्कुल कालेजों में जागरूकता अभियान चलाने तथा आम जनता में पुलिस विभाग का विश्वास बढ़ाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी चंदनू उप निरीक्षक द्वारिका प्रसाद देशलहरे, थाना परपोडी से सउनि पुरूषोत्तम कुलार्य, प्रधान आरक्षक येमन बघेल, सुखेलाल बंजारे, आरक्षक पीयुष सिंह, मुकेश पाल, प्रदीप कौशल, शिव यादव, रूपेन्द्र राजपूत, दीपक सहित थाना परपोडी एवं चंदनू के अन्य अधि./कर्म. उपस्थित रहें।