जिला अस्पताल बेमेतरा में गर्भवती माताओं को दी गई मातृ वंदना योजना एवं महिलाओं की सुरक्षा सेवाओं की महत्वपूर्ण जानकारी

जिला अस्पताल बेमेतरा में गर्भवती माताओं को दी गई मातृ वंदना योजना एवं महिलाओं की सुरक्षा सेवाओं की महत्वपूर्ण जानकारी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 21 नवंबर 2025 - कलेक्टर रणवीर शर्मा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेश सिंह सिसोदिया और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सीपी शर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आज जिला अस्पताल बेमेतरा के एमसीएच वार्ड में विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
  कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की साइको सोशल काउंसलर लक्ष्मी वर्मा एवं सुरक्षा गार्ड एकता कुर्रे ने एएनसी जांच कराने पहुंची गर्भवती माताओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुरक्षा सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की विस्तृत जानकारी - गर्भवती माताओं को बताया गया कि प्रथम संतान पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 5000 रु की सहायता दो किस्तों में दी जाती है। द्वितीय संतान यदि बालिका जन्म लेती है, तो माताओं को 6000 रु की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य जाँच तथा प्रसव पूर्व देखभाल को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1515 की जानकारी - माताओं को बताया गया कि अब वे अपनी किसी भी समस्या, योजना संबंधी जानकारी या सहायता हेतु नए टोल-फ्री नंबर 1515 पर सीधे संपर्क कर सकती हैं।
यह नंबर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है और हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

विशेष कार्यक्रमों गर्भ संस्कार एवं सामूहिक विवाह की जानकारी - 
अधिकारीयों ने महिलाओं को आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों के बारे में भी अवगत कराया 
12 दिसंबर - बेरला 1100 गर्भवती महिलाओं का ‘गर्भ संस्कार’ कार्यक्रम

13 दिसंबर - 108 कन्या सामूहिक विवाह समारोह - साथ ही बताया गया कि 18 से 21 वर्ष आयु की वे युवतियाँ जिनका विवाह परिवार करना चाहता है, उनके परिजन अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। 

सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं की सुरक्षा हेतु एक समग्र सुविधा - कार्यक्रम में उपस्थित माताओं को यह भी बताया गया कि सखी वन स्टॉप सेंटर बेमेतरा जिला अस्पताल परिसर में 24×7 (24 घंटे, 7 दिन) खुला रहता है। यहाँ पीड़ित, संकटग्रस्त तथा सहायता चाहने वाली महिलाओं को चिकित्सा, पुलिस सहायता, कानूनी परामर्श, मनो-सामाजिक परामर्श
सहित एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। 
     साथ ही महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की विस्तृत जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। 
 कार्यक्रम के दौरान एमसीएच वार्ड में उपस्थित गर्भवती माताओं ने सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और योजनाओं तथा हेल्पलाइन सुविधाओं के लिए विभाग का आभार व्यक्त किया। 
    यह जागरूकता कार्यक्रम जिले में महिला सशक्तिकरण, मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा और महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।