नवागांव में पराली नहीं जलाने की अपील, ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता बढ़ाने पहल तेज

नवागांव में पराली नहीं जलाने की अपील, ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता बढ़ाने पहल तेज 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 29 नवंबर 2025 - नवागांव क्षेत्र में किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने हेतु ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के अंतर्गत व्यापक जागरूकता पहल शुरू की गई है। ग्राम पंचायत, कृषि विभाग और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से किसानों को समझाइश देते हुए कहा है कि पराली जलाने से सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि खेती की दीर्घकालिक क्षमता भी बुरी तरह प्रभावित होती है। 
    अभियान के दौरान किसानों को बताया गया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, जमीन की उर्वरकता घटती है, ज़रूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की संरचना कमजोर पड़ जाती है। साथ ही इससे पड़ोसी खेतों और आसपास की आबादी के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 
      ग्राम नवागांव में ग्रामीणों और कृषकों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों जैसे मल्चर, हैपी सीडर, कम्पोस्टिंग और पराली को पशुपालन के लिए उपयोग करने जैसे पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने की सलाह दी गई। अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि पराली जलाना न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह नियमों के तहत दण्डनीय भी है। 
        अभियान से जुड़े सदस्यों ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग के निर्देशों का पालन करें, पराली न जलाएँ और धरती माता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दें। ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए पराली प्रबंधन के बेहतर तरीकों को अपनाने की बात कही। 
‘धरती माता बचाओ अभियान’ का उद्देश्य गांवों में पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करना और सतत कृषि को बढ़ावा देना है, जिसके लिए नवागांव में यह जागरूकता कार्यक्रम प्रभावी रूप से जारी है।