साजा विकासखंड के ग्राम नवागांव खुर्द एवं समुंदवारा में किया गया महोत्सव का आयोजन
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 21 नवंबर 2025 - छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी रायपुर के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत डेहरी नाला एवं हरदास नाला (विकासखण्ड साजा) में वाटरशेड महोत्सव का भव्य आयोजन 20 नवंबर को ग्राम नवागांव खुर्द एवं समुंदवारा में किया गया। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
नवागांव खुर्द में सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच फूलकुंवर साहू और उपसरपंच ओमकार साहू की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के राजगीत “अरपा पैरी के धार” से किया गया। अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों के परिचय के बाद देवराज पटेल (ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी) ने ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन फसलों को अपनाने के लाभ बताए। ईश्वर प्रसाद साहू ने जल संरक्षण, भविष्य की जल चुनौतियों और पानी बचाने के सरल उपायों पर प्रभावी जानकारी दी।
विद्यालय की बालिकाओं ने पारंपरिक सुवा नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पानी बचाने पर आधारित नाटक और आकर्षक पंथी नृत्य प्रस्तुत किया गया। समूहों ने श्रमदान कर निस्तारी तालाब और चेकडैम परिसर की सफाई की। कृषि संबंधी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समापन श्रीमति नीलिमा कोरी (अनुविभागीय कृषि अधिकारी सह परियोजना अधिकारी) ने वर्षा जल संरक्षण के उपायों पर प्रकाश डालते हुए किया। अंत में सभी उपस्थितों को “जल संकल्प शपथ” दिलाई गई और जल संरक्षण संदेशों के साथ जन-जागरूकता रैली निकाली गई।
समुंदवारा में वृक्षारोपण, श्रमदान और जल पाठशाला
डब्लूडीसी 2.0/2 परियोजना के तहत ग्राम समुंदवारा में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच श्रीमती अन्नु बाई चंद्राकर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण और चेकडैम परिसर में श्रमदान से हुई। राजेंद्र गुप्ता (पंच) ने जल संरक्षण पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। ग्राम चिखली की महिला स्व-सहायता समूह ने अपनी सफलता से जुड़ी प्रेरक बातें साझा की। महिलाओं द्वारा पारंपरिक सुवा नृत्य प्रस्तुत किया गया।
परियोजना अधिकारी संतोष गोंड ने जल ग्रहण विकास परियोजना के उद्देश्यों और लाभों पर विस्तृत जानकारी दी। गणेशराम साहू (WDT) ने निर्मित जल संरचनाओं के रख-रखाव और सतत उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती अन्नु बाई चंद्राकर, राजेंद्र गुप्ता, रविंद्र चंद्राकर, पूर्व सरपंच गुपेश्वर पटेल, शेखर पटेल, अमन सिंह चौहान, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, वाटरशेड सचिव, स्व-सहायता समूह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अध्यक्ष की अनुमति से कार्यक्रम का समापन किया गया।
जल संरक्षण को मिली सामूहिक शक्ति
दोनों ग्रामों में आयोजित वाटरशेड महोत्सव ने समुदाय में जल संरक्षण की सोच को मजबूत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, श्रमदान, वैज्ञानिक जानकारी और जनभागीदारी के माध्यम से जल संसाधनों के सतत उपयोग का संदेश सफलतापूर्वक प्रसारित हुआ।