एनएसएस इकाई ने ‘यूनिटी मार्च - सरदार पटेल 150 वीं जयंती रैली’ निकालकर दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 14 नवंबर 2025 - रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र ढोलिया बेमेतरा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम बिलई में 6 नवंबर से 12 नवंबर 2025 तक आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का सफल समापन हुआ। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने सामाजिक जागरूकता, ग्रामीण विकास और जनहित से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान दिया। सात दिवसीय एनएसएस शिविर सेवा, संस्कार और जनजागरण का संगम रहा। शिविर की अवधि में स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल साक्षरता जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गतिविधियाँ आयोजित की। ग्रामवासियों को समस्याओं के समाधान की प्रेरणा देने के साथ-साथ युवाओं ने ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
'यूनिटी मार्च - सरदार पटेल की 150 वीं जयंती रैली' का आयोजन
शिविर के विशेष आकर्षण के रूप में एनएसएस इकाई ने “यूनिटी मार्च - सरदार पटेल की 150 वीं जयंती रैली” का भव्य आयोजन किया। इस रैली का उद्देश्य भारत के प्रथम गृहमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना था। रैली ग्राम बिलई के मुख्य मार्गों से होकर निकाली गई। स्वयंसेवकों ने “एकता में शक्ति”, “राष्ट्रहित सर्वोपरि”, “हम सब एक हैं” जैसे प्रेरक नारे लगाते हुए समाज को राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संदेश दिया। ग्रामीणजन रैली के संदेश और युवाओं की ऊर्जा से विशेष रूप से प्रभावित हुए।
स्वयंसेवकों ने दिखाया उत्साह, कॉलेज प्रशासन ने की सराहना
एनएसएस स्वयंसेवकों ने पूरे शिविर के दौरान अनुशासन, सेवा भाव और टीम वर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कृषि महाविद्यालय के अधिकारियों और प्राध्यापकों ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल युवाओं में राष्ट्रनिर्माण की भावना को मजबूत करती हैं।
सात दिनों तक ग्राम बिलई सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। शिविर के माध्यम से गाँव के लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। ग्रामवासियों ने एनएसएस टीम का स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
सात दिवसीय एनएसएस शिविर और ‘यूनिटी मार्च’ ने न सिर्फ स्वयंसेवकों को मूल्य और अनुभव प्रदान किए, बल्कि ग्राम बिलई में सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण भी तैयार किया। रेवेन्द्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय की यह पहल ग्रामीण समाज को जोड़ने और युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा देने का उत्कृष्ट उदाहरण बनी है।