त्योहारों एवं शीत ऋतु के दौरान जन-सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतें, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी

त्योहारों एवं शीत ऋतु के दौरान जन-सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतें, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 15 अक्टूबर 2025 - आगामी त्यौहारों एवं शीत ऋतु के दौरान जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय, अटल नगर नवा रायपुर द्वारा सभी जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 
      संदर्भित पत्र क्रमांक एफ 1-139/राजस्व/राहत/2025/984, दिनांक 14 अक्टूबर 2025 तथा भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) नई दिल्ली के पत्र दिनांक 07 अक्टूबर 2025 के अनुरूप यह निर्देश जारी किए गए हैं कि आगामी त्यौहारों के अवसर पर जन-सुरक्षा के लिए व्यापक सावधानियां एवं तैयारी सुनिश्चित की जाए।
      त्योहारों के दौरान पूजा-पंडालों, नदी-घाटों, तालाबों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक एकत्रित होते हैं। ऐसे अवसरों पर डूबने, भगदड़, आगजनी या अन्य दुर्घटनाओं की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
          राज्य शासन एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला प्रशासन को निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं - 

संवेदनशील स्थलों का जोखिम आकलन - घाटों, तालाबों, नदी तटों, पंडालों एवं भीड़-भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जोखिम वाले स्थलों की पहचान की जाए।

बचाव एवं आपात दल की तैनाती - उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पर्याप्त बचाव उपकरणों सहित बचाव दल, चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। 

अग्नि सुरक्षा एवं पटाखा नियंत्रण - अस्थायी ढाँचों एवं सार्वजनिक स्थलों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए तथा पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर कड़ाई से नियंत्रण रखा जाए। 

भीड़ एवं यातायात प्रबंधन - स्पष्ट प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, मॉक ड्रिल तथा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना तैयार की जाए ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। 

स्वास्थ्य एवं प्राथमिक उपचार सुविधा - प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर अस्थायी प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएं एवं निकटतम अस्पतालों से समन्वय बनाए रखा जाए। 

जागरूकता अभियान - डूबने से बचाव, पटाखों के सुरक्षित उपयोग, सड़क सुरक्षा एवं शीत ऋतु के दौरान स्वास्थ्य सावधानियों के संबंध में आमजन को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाए। 

समुदाय की भागीदारी - आपदा मित्र, एनएसएस, एनसीसी, एनजीओ एवं स्थानीय आपदा प्रबंधन समितियों को जन-जागरूकता एवं सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 

समन्वय एवं निगरानी - राज्य एवं जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर सुरक्षा उपायों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। 

साथ ही, आगामी शीत ऋतु के मद्देनजर नागरिकों को हीटिंग उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, आगजनी से बचाव, कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता और ठंड से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों से बचने हेतु सतर्क रहने की अपील की गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों एवं असहाय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली ने राज्यों को यह आश्वासन दिया है कि जन-सुरक्षा संबंधी तैयारियों में आवश्यक तकनीकी एवं रसद सहायता प्रदान की जाएगी।