शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बारगांव (बेरला) में सामाजिक अंकेक्षण सम्पन्न
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला - मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025 - 26 के तहत सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्रश्नावली हाई/हायर सेकेण्डरी स्तर हेतु प्रश्नावली एवं सहायक सामग्री, सांकेतिक, लर्निंग आउटकम, अनुलग्नक आदि विषयों पर समाजिक अंकेक्षण टीम प्रमुख देवीसिंह गायकवाड़ व्याख्याता शा. उ. मा. विद्यालय आनन्दगांव और सामाजिक अंकेक्षण प्रविष्टिकर्ता देवधर कुमार देवांगन व्याख्याता बारगांव अपने विद्यालयीन शिक्षकों के द्वारा किया गया।
कक्षा नवमी, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्रों ने उपर लिखित विषयों के विभिन्न पहलुओं पर पूछे गये प्रश्नों के सार्थक उत्तर दिये। इस मौके पर भाजपा सरदा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि सच्चिदानंद मिश्रा, उपसरपंच टिकेश वर्मा, मयंक अग्रवाल, व्याख्याता शिक्षकों में श्याम सिंह, श्याम सुंदर साहू, हिमांचल साहू, संजय बंछोर, डीआर साहू, महेश बांधे, डीजी रानी साहू, भीष्म देव साहू, हरीश साहू, पूर्णिमा साहू, तुलसी साहू और व्यावसायिक शिक्षक विनोद साहू एवं भूपेश सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर फोकस - टीम प्रमुख देवीसिंह गायकवाड़ ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के घटकों का त्वरित क्रियान्वयन कर बच्चों की सीखने की उपलब्धियों में सुधार लाना है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर शिक्षा की गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की भूमिका - सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई-हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने और प्रशिक्षण देने का कार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया है। समग्र शिक्षा इस कार्यक्रम के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है।
20 प्रमुख प्रश्नों पर स्कूलों का मूल्यांकन - सामाजिक अंकेक्षण प्रविष्टिकर्ता देवधर कुमार देवांगन ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान समुदाय से कुल 20 प्रश्नों पर जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बच्चों की पठन क्षमता, गणितीय कौशल, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, परीक्षा परिणाम, स्थानीय भाषा के उपयोग जैसे पहलू शामिल हैं। इसी के साथ समुदाय से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा।
समुदाय की भागीदारी और न्यौता भोज की परंपरा - विद्यालयों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की तिथि तय कर समुदाय के सदस्यों को उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। विशेष रूप से, यदि कोई परिवार अपने सगे-संबंधी की स्मृति में "न्यौता भोज" आयोजित करना चाहे तो वह भी इसी दिन किया जा सकता है। जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान समुदाय की उपस्थिति और आयोजित न्यौता भोजों की संख्या को भी आकलन में शामिल किया जाएगा।
ऑनलाइन प्रविष्टि और समीक्षा प्रक्रिया - अंकेक्षण के बाद भरे गए प्रपत्रों पर समुदाय के हस्ताक्षर लेकर उन्हें विकासखंड स्तर पर जमा किया जाएगा, जहाँ ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची तैयार की जाएगी। इन शालाओं का निरीक्षण जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
सुधार कार्यों में समुदाय का सहयोग - सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पाई जाएगी, वहाँ समुदाय से इच्छुक प्रतिभागियों की सूची बनाकर उनके सहयोग से सुधार कार्य आरंभ किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की क्षमता वृद्धि तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
20 अक्टूबर तक उपलब्ध होगी रिपोर्ट - सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर 20 अक्टूबर 2025 तक जिलों को कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को स्कूल आबंटित किए जाएंगे ताकि वे सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर सकें।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत किया जा रहा यह सामाजिक अंकेक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समुदाय को भी विद्यालयों की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है।