प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला/बारगांव 22 अक्टूबर 2025 - दिवाली के दूसरे दिन बुधवार को मटिया में गोवर्धन पूजा मनाया गया। पूजा के बाद बाजे-गाजे के साथ गाय को सोहई पहनाया गया। सोहाई एक प्रकार का कंठहार होता है, जो अहीर समाज के व्यक्तियों के द्वारा पशुओं के गले में पहनाया जाता है। अहीर समुदाय बाजे गाजे के संग सोहाई बांधने पशु मालिकों के घर गए और पशु मालिक उनको भेंट स्वरुप राशि, कपड़े या धान भी दिए।
मटिया बारगांव में गोवर्धन पर्व पर बुधवार को पशुधन का पूजन किया गया अाैर खिचड़ी खिलाई गई। गांव में हर घर गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया गया, फिर सपरिवार विधि-विधान से गोवर्धन पूजा की गई। तत्पश्चात गाय को खिचड़ी खिलाई गई।
सोहाई बांधने पर भेंट स्वरुप देते हैं कपड़े या धान - गांवों में अहीर समुदाय बाजे गाजे के संग सोहाई बांधने पशु मालिकों के घर जाते हैं और पशु मालिक उनको भेंट स्वरुप राशि, कपड़े या धान देते हैं। सोहाई बांधते समय अहीर समुदाय दफड़ा, निसान और मोहरी के संग दोहा वाचन करते हैं। जो सामान्यतः किसी संत कवि द्वारा रचित दोहे, पारंपरिक दोहे या स्वरचित दोहे भी होते हैं। जैसे-
गाय चराये गहिरा भइया, भंइस चराये ठेठवार हो।
चारों कोती अबड़ बोहाथे, दही दूध के धार हो।।
गऊ माता के महिमा, नइ कर सकन बखान।
नाच कूद के जेला, चराय कृष्ण भगवान।।