अवैध कार्यों में संलिप्तता को नहीं की जाएगी बर्दाश्त - आईजीपी दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग

अवैध कार्यों में संलिप्तता को नहीं की जाएगी बर्दाश्त - आईजीपी दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग  

आम जनता से मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनकी शिकायतों को धैर्य से सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें - आईजीपी दुर्ग रेंज 

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश  
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 29 सितम्बर 2025 - पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के द्वारा जिला बेमेतरा भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय बेमेतरा में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके पश्चात उन्होंने जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना/ चौकी प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई।  
बैठक में आईजीपी दुर्ग रेंज द्वारा बीट सिस्टम की जानकारियों की समीक्षा की गई तथा क्षेत्र की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में थाना/चौकी प्रभारियों एवं बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करें, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें एवं निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें - क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं की गतिविधियों की जानकारी एकत्र करें। गुंडा, निगरानी, सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत निगरानी रखें। क्षेत्र के भौगोलिक विवरण, प्रमुख जनप्रतिनिधि, कर्मचारी एवं वरिष्ठ व्यक्तियों की जानकारी संकलित करें। विवादग्रस्त क्षेत्र, अपराधिक ठिकानों, मेले-त्योहारों, डेरा डालने एवं घुमक्कड़ लोगों की गतिविधियों एवं क्षेत्र में चल रहे पुराने विवादों एवं विवाद का कारण की जानकारी नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करने। 
     आईजीपी दुर्ग रेंज द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र अधिक मजबूत होगा। जिले में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने एवं आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों को बीट में विभाजित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक बीट पर नियुक्त प्रभारी क्षेत्र की जानकारी एकत्र कर अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 
        इस बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कहा कि जनता ही सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा, थाना/चौकी एवं कार्यालय में आम जनमानस शिकायत/समस्या को लेकर आये तो रिपोर्टकर्ता से संयमित व्यवहार करने एवं उनकी समस्या को गंभीरता पुर्वक लेते हुये तत्काल उचित कार्यवाही करने, जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
     उन्होंने सभी थाना/चौकी प्रभारी को निर्देशित किया कि सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने तथा एनसीआरबी नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में एवं इस दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। 
     उन्होनें सभी थाना/चौकी प्रभारी को निर्देशित किया कि पुलिस विभाग से संबंधित सभी रजिस्टर व रिकॉर्ड पूरी तरह कंप्यूटरीयकृत कर अपडेट रखें, ताकि उच्च अधिकारी द्वारा मांगे गए जवाब निर्धारित समय पर भेजे जा सके। सभी पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा कि सभी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निश्चित समय अवधि में निपटारा कर पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र अति शीघ्र न्याय दिलाए। 
    आईजीपी दुर्ग रेंज ने कहा कि फरियाद लेकर आने वाले लोगों से थाना व चौकी इंचार्ज स्वयं बात करें व मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनकी शिकायतों को धैर्य से सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत को धैर्य से सुन कर उसे शीघ्र अति शीघ्र निराकरण/समाधान का प्रयास किया जाएगा, तो निश्चित तौर पर समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा तथा समाज में पुलिस की एक बेहतर छवि नजर आएगी। 
      उन्होंने सभी पुलिस अधिकारी व कर्मचारी से कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी की इस युग में अपने आप को पूरी तरह प्रशिक्षित एवं सक्षम रखें और उच्च अधिकारियों के निर्देश की पालन करते हुए मांगे गए जवाब को निश्चित समय अवधि में भेजना सुनिश्चित करें। उपस्थित पुलिस अधिकारियों/ कर्मचारियों को पुलिस की कार्यप्रणाली रहन-सहन जनता के प्रति मधुर व्यवहार और कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 
  उन्होंने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ने कहा कि अवैध कार्यों में संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने थाना और चौकी में लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया। 
    आईजीपी दुर्ग रेंज ने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। साथ ही समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
    उन्होनें नए लागू तीन आपराधिक कानूनों नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। 
       आईजीपी दुर्ग रेंज ने सायबर प्रहरी अभियान और त्रिनयन एप के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने "सशक्त एप" के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कार्यवाही को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। 
     कम्यूनिटी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के साथ-साथ मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। आईजीपी ने विजिबल पुलिसिंग और चेकिंग अभियान को सक्रिय करने की बात कही। उन्होंने म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर क्राइम, और सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे अपराधों के संबंध में आम जनमानस को जागरूक करने के निर्देश दिए। 
     महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण के लिए "ऑपरेशन मुस्कान" चलाने का भी निर्देश दिया गया। संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर पैनी नजर रखने और सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। उन्होंने ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को सोशल मीडिया पर सतत निगाह रखने और अधिकारी/कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ कानून और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। 
   उन्होनें चोरी और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और काम्बिंग गश्त करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। तथा गुमशुदा महिला/पुरूष की खोजबीन हेतु विशेष अभियान “आपरेशन तलाश” चलाकर अधिक से अधिक गुमशुदा महिला एवं पुरूष की दस्तयाबी करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
        उन्होनें साइबर अपराध के प्रति आमजनों को जागरूक करने तथा फाइनेशियल फ्रॉड के प्रकरणों में म्यूल अकाउंट को फ्रीज करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। तथा आम जनता से पुलिस का बेहतर संबंध बनाने, कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, सायबर अपराधों व एटीएम फ्राड के संबंध में ग्रामो, हॉट/बाजारों, स्कूल/कालेजो में जागरूकता अभियान चलाने, सोशल एक्टीविटी में पुलिस विभाग का सक्रिय रहने व आम जनता में पुलिस विभाग का विश्वास बढ़ाने आवश्यक दिशा - निर्देश दिए गए। 
      इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू एवं रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो, पीआरओ प्रशांत शुक्ला एवं प्रभारी स्टेनो सउनि (अ) संतोष कुमार सोनवानी, एसएसपी रीडर विष्णु सप्रे सहित जिले के समस्त थाना व चौकी प्रभारी एवं अन्य अधि./कर्म. उपस्थित रहें।