खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और तस्करी रोकने छह सदस्यीय निगरानी दल तैनात, अधिकारियों के नंबर जारी

खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और तस्करी रोकने छह सदस्यीय निगरानी दल तैनात, अधिकारियों के नंबर जारी

खरीफ सीजन 2025 में उर्वरक वितरण पर कलेक्टर सख्त - जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष गठित   
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 15 जुलाई 2025 - कलेक्टर रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन मे खरीफ 2025 मौसम के लिए किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन के निर्देशानुसार बेमेतरा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्शन, जमाखोरी एवं अनियमित बिक्री को रोकने हेतु जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) का गठन किया गया है। यह कंट्रोल रूम जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक-67, उप संचालक कृषि, संयुक्त कलेक्टोरेट भवन बेमेतरा में स्थापित किया गया है।
           इस नियंत्रण कक्ष की निगरानी हेतु छह सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें सहायक संचालक कृषि डॉ. श्याम लाल साहू को नियंत्रण कक्ष प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिनसे मोबाइल नंबर 6260907138 पर संपर्क किया जा सकता है। इनके सहयोग हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी साजा दिनेश कुमार धुर्वे को नियंत्रण कक्ष सहायक नियुक्त किया गया है, जिनका मोबाइल नंबर 8717872585 है। इसी प्रकार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बेरला देवानंद देवांगन को भी नियंत्रण कक्ष सहायक बनाया गया है, जिनका मोबाइल नंबर 7999972258 है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नवागढ़ राकेश कुमार चतुर्वेदी को भी सहायक के रूप में दायित्व सौंपा गया है, जिनसे मोबाइल नंबर 9977253850 पर संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी दीपक कुमार साहू (उर्वरक शाखा प्रभारी) को नियंत्रण कक्ष उप सहायक के रूप में रखा गया है, जिनका मोबाइल नंबर 8889443493 है। वहीं वाहन चालक कुलेश्वर सिन्हा को भी इस टीम में शामिल किया गया है, जिनका संपर्क नंबर 8224918363 है।
              यह टीम जिले में उर्वरक से संबंधित शिकायतों, गुप्त सूचनाओं, अनियमित गतिविधियों की निगरानी करेगी और ऐसी किसी भी जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करेगी। यह कार्य FCO 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाएगा। साथ ही शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु यह टीम समय समय पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगी। किसानों से अपील की गई है कि यदि उर्वरक की आपूर्ति, कीमत या गुणवत्ता को लेकर कोई समस्या या अनियमितता हो तो वे उक्त अधिकारियों से सीधे संपर्क कर जानकारी साझा करें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।