छत्तीसगढ़ की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने व बचाने की हैं आवश्यकता - नपं उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेरणा शौर्यजीत सिंह
हरेली पर्व पर नगर के अंबेडकर भवन साजा में "सखी सहेली" का आयोजन
आयोजन में पारंपरिक व्यंजनो की महक
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/साजा - नगर के अंबेडकर भवन में ”सखी सहेली” क्षेत्रीय स्तरीय महिला संगठन के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सजीव करते हुए हरेली तिहार का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नारी शक्ति, परंपरा एवं लोकसंस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक बना।
इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रेरणा शौर्यजीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में हरेली पर्व की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं की भूमिका को सराहा और सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने व बचाने की आवश्यकता हैं। इसी क्रम में यह एक छोटा सा प्रयास किया गया। कार्यक्रम में पार्षद कमल राजपूत, श्रीमती पार्वती वर्मा, गौकरण साहू एवं श्रीमती जमुना जायसवाल भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने आयोजन की सराहना की और महिला संगठन के इस प्रयास की प्रशंसा की।
पारंपरिक व्यंजन रहें मुख्य आकर्षण - छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे, जिनमें ठेठ देसी स्वाद और स्थानीयता की झलक देखने को मिली। आयोजन में महिलाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिससे माहौल हर्षोल्लासपूर्ण बना रहा। इस आयोजन ने नारी सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।
पारंपरिक खेलों का आयोजन - कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों खोखो, कबड्डी, कुर्सी दौंड आदि का भी आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्साह से हिस्सा लेकर त्यौहार का आनंद लिया। कार्यक्रम को देखने भारी संख्या में शहर वासी भी उपस्थित रहे।