स्वामी आत्मानंद स्कूल जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान में संसाधनों की कमी से किसी भी बच्चे को नहीं होने दिया जाएगा शिक्षा से वंचित - जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी
स्वामी आत्मानंद स्कूल बेरला का जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण
स्कूल के शिक्षा और सुविधा संबंधी समस्याओं पर हुईं गंभीर, निराकरण हेतु कलेक्टर को लिखा पत्र
स्कूल से संबंधित सभी विभागों के संयुक्त बैठक लेने का लिया निर्णय
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 25 जुलाई 2025 - जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने आज स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बेरला का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, संरचनात्मक और बुनियादी समस्याओं को गंभीरता से लिया और मौके पर ही जिला कलेक्टर को पत्र भेजते हुए त्वरित कार्यवाही की मांग की।
निरीक्षण में पाई समस्या एवं कमियां - जिपं अध्यक्ष श्रीमती तिवारी के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बेरला के आकस्मिक में शिक्षकों की भारी कमी, वेतन, फंड की समस्या, किचन शेड व भोजन कक्ष का अभाव, साइकिल स्टैंड की अनुपलब्धता तथा कक्षा के लिए कक्षों की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के लिए पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
आत्मानंद स्कूल बेरला के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि "स्वामी आत्मानंद स्कूल जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान में किसी भी बच्चे को संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। इन समस्याओं को मैंने प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर शीघ्र निराकरण का आग्रह किया है।"
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में जिला पंचायत सीईओ, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि जिले की सभी शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।
लगातार पंचायतों का दौरा कर रहीं हैं अध्यक्ष श्रीमती तिवारी - जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी इन दिनों जिले की विभिन्न पंचायतों का दौरा कर विद्यालयों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों को मिलने वाली खाद-दवाई और बिजली आपूर्ति जैसी जनहित की समस्याओं का जमीनी जायजा ले रही हैं। हर स्थान पर जनता की समस्याएं सुनकर, वे प्रशासनिक स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उनकी इस सक्रियता और संवेदनशीलता को लेकर स्थानीय जनता और शिक्षकों में आशा की नई किरण जगी है कि अब स्कूल की समस्याओं का शीघ्र निराकरण होगा और विद्यार्थियों को एक बेहतर शिक्षण का वातावरण मिलेगा।