कुम्ही के सस्वर रामचरित मानस गान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी

कुम्ही के सस्वर रामचरित मानस गान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - ग्राम कुम्ही (भिभौरी) में जय बजरंग मानस मंडली एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त प्रयास से दो दिवसीय सस्वर रामचरित मानस गान धारा प्रवाहित कार्यक्रम का आयोजन भव्यता के साथ किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगेश तिवारी ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस न केवल धर्मग्रंथ हैं, बल्कि जीवन को जीने की कला और सत्य, धर्म, प्रेम, और कर्तव्य का परिचायक है। उन्होंने ग्रामीणों को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रगाढ़ करने का माध्यम हैं। योगेश तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा ग्राम कुम्ही (भिभौरी) के लोगों ने इस आयोजन के माध्यम से न केवल भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया हैैं, बल्कि आपसी एकता और भाईचारे का भी परिचय दिया है। मुझे गर्व है कि मैं इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बना। इस आयोजन में भुनेश्वरी पोषण वर्मा जिला पंचायत सदस्य, नरेंद्र साहू सरपंच प्रतिनिधि, खूबचंद वर्मा उपसरपंच, लखन चक्रधारी, गणेश राम साहू, लीलाराम साहू, मोतीलाल साहू, दुबेश्वर वर्मा, शिवकुमार निषाद, भगवानी साहू, पुनाराम वर्मा, रमेश इसके अलावा समस्त ग्रामवासी भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल हुए। जय बजरंग मानस मंडली और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास ने इस आयोजन को अत्यंत सफल बनाया। कार्यक्रम में सस्वर रामचरितमानस गान के माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा और उनके आदर्शों का प्रचार किया गया।कार्यक्रम के अंत में योगेश तिवारी ने आयोजकों और ग्रामीणों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में उनका पूर्ण सहयोग हमेशा रहेगा। उन्होंने धार्मिक आस्थाओं को मजबूत करने और सनातन संस्कृति को जीवित रखने के लिए इस प्रयास को एक मिसाल बताया। ग्राम कुम्ही (भिभौरी) में हुआ यह आयोजन सभी ग्रामवासियों के लिए एक प्रेरणादायक और आध्यात्मिक अनुभव रहा, जिसमें धार्मिक भक्ति और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।